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आतंकियों के लिए सुरक्षित है भारत-नेपाल की खुली सीमा, पकड़े जा चुके हैं कई खूंखार

गोरखपुर, 24 अगस्त : नेपाल बार्डर इन दिनों आतंकवादियों की घुसपैठ का सबसे आसान राह बन चुका है। इस रास्ते भारत में प्रवेश की कई कोशिशें हुईं हैं। यह बात अलग है कि कुछ आतंकी जवानों के हत्थे चढ़े तो कुछ को घटनाओं के अंजाम देने से पहले ही पकड़ लिया गया। इंडियन मुजाहिद्दीन का यासीन भटकल हो या संदिग्ध पाकिस्तानी नागरिक डॉ. जावेद अथवा कुछ महीने पहले पकड़ा गया हिजबुल मुजाहिद्दीन का नासीर अहमद वानी, इसी रास्ते भारत में घुसने की कोशिश में सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ चुके हैं। 

आतंकवाद को प्रश्रय देने वाले पाकिस्तान के लिए 1751 किमी. की खुली भारत-नेपाल की सीमा सबसे सुरक्षित साबित हो रही है। आतंकी अब बाघा या अन्य बॉर्डर की बजाय नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने को ज्यादा तरजीह दे रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों की माने तो ये आतंकी आसानी से पाकिस्तान से दुबई पहुंचते हैं, फिर वहां से काठमांडू। काठमांडू से भारत की ओर कूच करते हैं। यह दोनों देशों की खुली सीमा लांघना ज्यादा आसान मानते आ रहे हैं।

पिछले तीन दशक में दर्जनों खतरनाक आतंकी भारत-नेपाल सीमा पर दबोचे गए हैं। सुरक्षा एजेंसियां अपनी हर रिपोर्ट में भारत-नेपाल सीमा को अति संवेदनशील बताती आ रहीं हैं। बावजूद इसके, भारत-नेपाल सीमा से जुड़े महराजगंज के सोनौली बार्डर को कोई खास तवज्जो नहीं मिली है। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम अब भी नहीं हो सके हैं।

नेपाल के रास्ते आतंकियों के भारत आने की तस्दीक वर्ष 1991 में पहली बार हुई थी। उस समय पंजाब का उग्रवादी सुखविंदर सिंह सोनौली बार्डर पर पुलिस के हत्थे चढ़ा था। सिद्धार्थनगर के बढ़नी में भारत-नेपाल सीमा पर अजमेर सिंह व भग्गा सिंह नाम का उग्रवादी पकड़े गये थे। 1993 में मुंबई कांड का आरोपी टाइगर मेमन भी सोनौली बॉर्डर पर ही दबोचा गया था। 

इनके अलावा नेपाल से अपनी गतिविधियां संचालित करने वाले पाकिस्तानी आतंकी जब्बार को एटीएस ने लखनऊ में पकड़ा था। जब्बार भी नेपाल सीमा के रास्ते ही भारत के घुसा था, लेकिन सुरक्षा एजेंसियों के हत्थे चढ़ गया था। बब्बर खालसा का खतरनाक उग्रवादी मक्कन सिंह बढ़नी (सिद्दार्थनगर) में पकड़ा गया था, जबकि भारत-नेपाल सीमा पर ही देश के लिए खतरा बने टॉप आतंकियों में शुमार अब्दुल करीम टुंडा को दिल्ली पुलिस ने दबोचा था। इंडियन मुजाहिद्दीन का खूंखार सिपहसलार यासीन भटकल नेपाल की सीमा पर पकड़ा गया तथा अक्टूबर 2016 में डॉ. जावेद नामक एक संदिग्ध पाकिस्तानी पकड़ा गया। 

बीते 13 मई 2017 को हिजबुल आतंकी नासीर अहमद वानी को गिरफ्तार किया गया था। उसका दोस्त भागनेइ फरार हो गया। कुछ दिन पहले पाकिस्तानी सेना का एक अफसर भी नेपाल से लापता हो गया था। आशंका है कि वह नेपाल या भारत में छुपकर आतंकी गतिविधियां संचालित कर रहा है।

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