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चंद्राबाबू नायडू का यह तीन साल का पोता हैं उनसे 6 गुना ज़्यादा अमीर

नई दिल्ली: आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने चुनाव से पहले अपनी और अपने परिवार की संपत्ति घोषित की. बीते साल भर के अंदर उनकी घोषित संपत्ति में 12.5 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ है. खास बात यह है कि पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए चंद्रबाबू नायडू  बीते आठ साल से अपनी संपत्ति घोषित करते रहे हैं. इस साल के शुरू में एसोसिएट फॉर डेमोक्रेटिक रीफॉर्म ने चंद्रबाबू नायडूको देश का सबसे अमीर मुख्यमंत्री घोषित किया था. इसके अनुसार चंद्रबाबू नायडू ने अपने शपथ पत्र में अपनी कुल संपत्ति 177 करोड़ रुपये बताई थी. लेकिन अगर चंद्रबाबू नायडू द्वारा घोषित संपत्ति की कुल कीमत में बीते एक साल में बड़ा इजाफा हुआ है. मसलन, पिछले साल उन्होंने अपनी और अपने परिवार की कुल संपत्ति 69.28 करोड़ बताई थी जो इस साल बढ़कर 81.83 करोड़ रुपये हो गई. यानी एक साल के भीतर इनकी कुल संपत्ति में 12.55 करोड़ रुपये का इजाफा हुआ. 

इस दौरान चंद्रबाबू नायडू की अपनी संपत्ति 2.53 करोड़ रुपये से बढ़कर तीन करोड़ रुपये के करीब, उनकी पत्नी की संपत्ति 25 करोड़ से बढ़कर 31 करोड़ हो गई है. इसी तरह चंद्रबाबू नायडू के बेटे और पोते की संपत्ति में भी इजाफा हुआ है. चंद्र बाबू नायडू के बेटे नारा लोकेश की संपत्ति 15.21 करोड़ से बढ़कर इस साल 21.40 करोड़ हो गई जबकि चंद्रबाबू नायडू के तीन साल के पोते देवांश की संपत्ति 18.71 करोड़ रुपये हो गई है जो पिछले साल 11.54 करोड़ रुपये थी. 

गौरतलब है कि तेलुगूदेशम पार्टी के अध्यक्ष व आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री एन. चंद्रबाबू नायडू ने कुछ दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से मुलाकात की. इस दौरान चंद्रबाबू नायडू ने तेलंगाना में होने वाले विधानसभा चुनाव और अगले साल होने वाले आम चुनाव को लेकर कांग्रेस अध्यक्ष से बात की. मुलाकात के बाद चंद्रबाबू नायडू और राहुल गांधी ने एक  प्रेस कांफ्रेंस भी की. प्रेस कांफ्रेंस के दौरान टीडीपी प्रमुख चंद्रबाबू नायडू ने कहा कि मेरा मिशन देश और लोकतंत्र को बचाना है. हम सभी पार्टियों को एक प्लेटफॉर्म पर लाने की तैयारी में है, ताकि हम एक साथ बीजेपी से लोकतंत्र को बचा सकें. हमें एक साथ काम करने की जरूरत है. उन्होंने कहा कि हमनें सभी पार्टियों को एक साथ आने का न्यौता दिया है.

चंद्रबाबू ने कहा कि हमें राष्ट्र के बारे में पहले सोचने की जरूरत है, अगर हम देश को बचा पाते हैं तभी सब कुछ बच पाएगा. हमें सभी संस्थाओं को बचाने की जरूरत है. चाहे बात सीबीआई की हो या फिर आरबीआई की. सभी संस्थाओं में सरकार दखल दे रही है जो गलत है.

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