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पालघर जिले में सबसे बड़ी पार्टी बनी बहुजन विकास आघाडी .

पालघर =   पालघर विधान सभा सिट पर हुए उपचुनाव में बविआ भले ही चुनाव क्यू न हार गयी हो लेकिन करीब 36000 हजार वोट पाकर बविआ  पालघर जिले में एक बड़ी पार्टी बनकर उभरी है .

करीव आठ महिना पहले पालघर विधान सभा सिट से शिवसेना के विधायक कृष्णा घोडा का दिल का दौरा पड़ने से उनकी मौत के बाद खाली हुए पालघर बिधानसभा सिट पर शनिवार 13 फ़रवरी 2016  को उपचुनाव हुआ . इस उप चुनाव में जंहा सभी राष्टीय पार्टिया कांग्रेस ,एनसीपी के साथ शिवसेना ,बीजेपी ,आरपीआय के साथ मिलकर चुनाव लडती नजर आई वही इन पार्टियों को टक्कर देती हुई बविआ पालघर जिले के विकास के मुद्दे पर जैसे MMRDA की मर्यादा दहानू तक / जिले के पानी का सामयिक नियोजन / पालघर जिला पर्यटन विकास / पालघर में मुंबई विद्यापीठ का उप केंद्र / आधुनिकतम APMC मार्किट की रचना / दूर तक जानेवाली ट्रेनों को पालघर में  विश्राम / TAPS के लिए सुधार के साथ आपत्कालीन प्लान / आधुनिकतम क्रीडा संकुल /आधिनिकतम तथा सुनियोजन अस्पताल , इन मुद्दों पर अकेले अपने दम पर चुनाव लडती नजर आई .और इस चुनाव में जिस प्रकार बविआ के मुखिया व विधायक हितेंद्र ठाकुर  घर- घर, गाँव –गाँव जाकर लोगो से सीधे संबाद साध कर उनकी समस्या जानकार उसे दूर करने की कोशिश कर रहे थे .साथ विरोधी पार्टियों द्वारा बविआ के नेतावो के प्रति पैदा किये गए डर जैसे की अगर सीटी चुनकर आती है तो तुम्हारा जमीन घर जबरदस्ती हड़प लेंगे तुम कुछ नहीं कर पावोगे ज्यादा बोला  तुमको उठा कर ले जाएगे .ऐसे कई डर मतदातावो  के मन के अन्दर विरोधी पार्टियों ने पैदा किया था  .लोगो अंदर से  इस डर को निकालने मे उनको अच्छी सफलता भी मिली है . लोगो से सीधा संपर्क साधने के कारण पहले की अपेक्षा इस चुनाव में लोगो का काफी झुकाव इस पार्टी की तरफ देखने को मिला जिसके कारण इस पार्टी ने अकेले अपने दम पर करीव 36000 हजार वोट हासिल करने में कामयाब रही .जिसका फयदा इस पार्टी 2019 में होने वाले लोक सभा .विधान सभा ,पालघर नगर परिषद मिलने वाला है , बहुजन विकास आघाडी से पूर्व मंत्री मनीषा निमकर ने अपना किस्मत अजमाया था . इस चुनाव को जितने के लिए विधायक हितेंद्र ,ठाकुर के साथ – साथ .विधायक क्षितज ठाकुर ,महापौर प्रवीणा ठाकुर ,पूर्व महापौर राजू पाटिल ,पालघर जिला प्रभारी प्रवीण राउत,मिडिया प्रभारी अजीव पाटिल ,पालघर तालुका अध्यक्ष प्रशांत पाटिल वा पार्टी के कार्यकर्ताओ ने अपनी पूरी ताकत झोक दी थी ,

साथ ही इस क्षेत्र की जनता को नुकसान पहुचाने वाले प्रोजेक्टों का विरोध भी किया था .

परसीं मचिमारी पद्धति का विरोध / वाढवन तथा जिंदल जैसे बंदरगाहों के लिए विरोध / मध्यस्थ ता द्वारा निर्मित / सातपाटी मछिमार क्षेत्रो में घूसखोरी करने वाले मछिमारो का विरोध / मूलभूत नागरी सुविधाए उपलब्ध होने तक व्यावसायिको का    APMC में स्थलांतरकरने के लिए विरोध  .

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