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गडकरी ने कहा, एमएसएमई क्षेत्र को सकारात्‍मक सोच के साथ आगे बढ़ने की जरूरत

नई दिल्‍ली। केंद्रीय सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम मंत्री नितिन गडकरी ने कहा कि अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए हमें सकारात्‍मक सोच और आत्‍मविश्‍वास के साथ अगे बढ़ने की जरूरत है। गडकरी ने ये बात अंतरराष्‍ट्रीय एमएसमई दिवस पर चेंबर ऑफ इंडियन माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज आयोजित कार्यक्रम में शनिवार को कही।

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए आायोजित वेबिनार में नितिन गडकरी ने कहा कि हाल आत्‍मनिर्भर भारत अभियान के तहत घोषि‍त आर्थिक पैकेज को लागू करना सरकार की जिम्मेदारी है। गडकरी ने कहा कि कोविड-19 की महामारी को देखते हुए अर्थव्यवस्था में सुधार के लिए हमें एमएसमई के क्षेत्र में तेजी से कार्य करने होंगे।

अंतरराष्‍ट्रीय एमएसमई दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में एमएसमई मंत्री नितिन गडकरी ग्लोबल एलायंस फॉर मास आंत्रप्रेन्‍योरशिप की नेशनल टास्क फोर्स की रिपोर्ट का विमोचन भी किया, जिसमें कर्नाटक के मुख्यमंत्री बी.एस. येदयुरप्पा, मेघालय के मुख्यमंत्री के. संगमा, पंजाब के शिक्षा मंत्री विजय इन्द्र सिंगला और उत्‍राखंड के मुख्यमंत्री त्रिवेन्द्र सिंह रावत भी वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े रहे।

अपने संबोधन में गडकरी ने कहा कि एमसएमई ऐसा क्षेत्र है, जिसमें रोजगार सृजन के साथ ही अर्थव्यवस्था में तेजी से प्रगति की जा सकती है। उन्होंने कहा कि सभी राज्यों को इस ओर ध्यान देने की जरूरत है। नितिन गडकरी ने कहा कि राज्यों की भौगोलिक परिस्थितियों के मुताबिक उनमें कुछ विशिष्टताएं हैं। खासकर एग्रो एमएमई, हैंडलूम, हैंडीक्राफ्ट के क्षेत्र में अनेक राज्यों में कार्यों की प्रबल संभावनाएं हैं।

गडकरी ने कहा कि हमारे देश की ग्रोथ में एमएसएमई का योगदान 29 फीसदी है, जिसे बढ़ाकर 50 फीसदी पर ले जाना है। उन्‍होंने कहा कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में भारत जैसे विकासशील देश के लिए काफी संभावनाएं मौजूद हैं। गडकरी ने कहा कि एमएसएमई सेक्‍टर को बढ़ावा देने के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से जो भी प्रयास हो सकतें हैं वो किए गए हैं।

इस अवसर पर कार्यक्रम का आयो‍जन कर रहे चेंबर ऑफ इंडियन माइक्रो, स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज के अध्यक्ष मुकेश मोहन गुप्ता ने कहा कि ये पूरा साल एमएसएमई का है। उन्होंने कोविड-19 की संकट के वक्‍त एमएसएमई के लिए केंद्र सरकार की ओर से हाल में उठाए गए विभिन्न प्रयासों के लिए एमएसएमई मंत्री नितिन गडकरी और सचिव एके शर्मा को धन्यवाद दिया। इस मौक पर उन्‍होंने एमएसएमई सेक्‍टर के लिए घोषित 3 लाख करोड़ रुपये के कॉलेट्रल फ्री लोन का जिक्र भी किया।

उल्‍लेखनीय है कि संयुक्त राष्ट्र ने 2017 में विश्व एमएसएमई दिवस की शुरुआत की थी। स्थानीय और वैश्विक स्तर पर समावेशी व सतत विकास में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योगों के योगदान को देखते हुए इसे शुरू किया गया था। विश्व एमएसएमई दिवस की इस साल की ग्लोबल थीम ‘एमएसएमई: सामाजिक आवश्यकताओं का प्रथम उत्तरदाता’ है। बता दें कि देश में 6.3 करोड़ एमएसएमई हैं, जिनसे 12 करोड़ से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। केंद्र सरकार ने हाल ही में एमएसएमइ्र सेक्टर को नए सिरे से परिभाषित किया है। (एजेंसी, हि.स.)

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