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अरुण जेटली का दावा नोटबंदी के बावजूद कर संग्रह राशि और आर्थिक गतिविधियां बढ़ी.

नयी दिल्ली, 09 जनवरी =  केन्द्रीय वित्त मंत्री अरूण जेटली ने सोमवार को दावा किया कि नोटबंदी के बावजूद प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष करों में पिछले वर्ष अप्रैल से दिसम्बर तक वृद्धि हुई है जो विनिर्माण सहित आर्थिक गतिविधियों के बढ़ने का संकेत देती हैं।

वित्त मंत्री जेटली ने यहां एक प्रेस कांफ्रेन्स में बताया कि इस अलोच्य अवधि में प्रत्यक्ष कर में 12.01 प्रतिशत की वृद्धि होने पर इस मद में 5.53 लाख करोड़ रुपये की धनराशि एकत्र हुई जो उससे पिछले वर्ष की इसी अवधि से ज्यादा है जबकि अप्रत्यक्ष करों में भी 25 प्रतिशत कर वृद्धि होने पर सरकार को 6.30 लाख करोड़ की राशि प्राप्त हुई है। उन्होंने बताया कि अप्रत्यक्ष करों से दिसम्बर माह में प्राप्त धनराशि में 14.2 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई है।

उन्होंने बताया कि चालू वित्त वर्ष के प्रथम 9 महीनों में उत्पाद शुल्क से 2.79 लाख करोड़ रुपये की धनराशि प्राप्त हुई है जो पिछले वर्ष की तुलना में 43 प्रतिशत अधिक है| जबकि सेवा कर से 1.83 लाख करोड़ रुपये मिले जो 22.9 प्रतिशत अधिक है| सीमा शुल्क के रूप में 1.67 लाख करोड़ रुपये मिले जो 4.1 प्रतिशत अधिक थे ।

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अरूण जेटली ने बताया कि जिस महीने नोटबंदी की प्रक्रिया चली उस दौरान उत्पाद शुल्क से प्राप्त धनराशि में 31.6 प्रतिशत का इजाफा हुआ। उन्होंने कहा कि यह श्रेणी सीधे विनिर्माण क्षेत्र से जुड़ी है| इसी प्रकार दिसम्बर 2016 में सेवा कर की मद में 12.4 प्रतिशत की वृद्धि हुई है| लेकिन सोना आयात में कमी आने पर सीमा शुल्क राजस्व में 6.3 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है।

वित्त मंत्री ने कहा कि यह आंकड़े वास्तविक हैं, अनुमानित नहीं हैं। उन्होंने इन आशंकाओं का खण्डन किया कि नोटबंदी के बाद आर्थिक गतिविधियों में गिरावट आई है| उन्होंने नवम्बर में कर आंकड़ों की तुलना करते हुए बताया कि दिसम्बर में अप्रत्यक्ष करों से प्राप्ति मेंं 12.8 प्रतिशत की वृद्धि हुई है| उन्होंने बताया कि अधिकांश राज्यों में वैट से प्राप्त धनराशि में वृद्धि हुई है क्योंकि नवम्बर में उन्हें पुरानी मुद्रा में करों का भुगतान मिला।

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