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बिगड़ते जा रहे हैं कोलकाता के हालात, जोखिम क्षेत्रों की संख्या बढ़ी

कोलकाता । पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में कोरोना वायरस संक्रमण की वजह से हालात बिगड़ते जा रहे हैं। यहां जोखिम क्षेत्रों (कंटेनमेंट जोन) की संख्या घटने के बजाय लगातार बढ़ती जा रही है। महज तीन दिन में यहां जोखिम क्षेत्रों की संख्या 316 से बढ़कर 334 हो गई है। अचानक 18 और क्षेत्र संक्रामक जोन बन गए हैं यानी यहां मरीजों की संख्या सबसे अधिक है और सावधानी नहीं बरतने पर निवासियों में संक्रमण फैलने का डर भी सबसे ज्यादा है। न केवल कोलकाता बल्कि राज्य के अन्य हिस्सों में भी संक्रमण का खतरा तेजी से बढ़ता जा रहा है।

दक्षिण 24 परगना में जोखिम क्षेत्रों की संख्या 19 से बढ़कर 22 हो गई है। मालदा में 3 से बढ़कर 6 हो गई है। हालांकि हावड़ा और नदिया में जोखिम क्षेत्र जस के तस हैं। महानगर कोलकाता में 10 बोरों में संक्रमण की संख्या बढ़ी है। वहीं शेष छह जो पुरानी सूची के मुताबिक जोखिम क्षेत्रों में थे वहां हालात जस के तस बने हुए हैं। इस तरह कोरोना की वजह से बीमार पड़े लोगों की संख्या ना तो घटी है ना बढ़ी है।

दरअसल एक बोरो कई वार्डों को मिलाकर बनता है। कोलकाता का सात नंबर बोरो क्षेत्र सबसे ज्यादा संक्रमित है। यहां जोखिम क्षेत्रों की संख्या 52 से बढ़कर 53 हो गई है। चार नंबर बोरो दूसरे स्थान पर है। यहां पहले 35 क्षेत्र जोखिम भरे थे लेकिन अब इनकी संख्या 39 हो गई है। इसी तरह से महानगर के अन्य इलाकों में भी संक्रमण तेजी से बढ़ा है। जहां एक तरफ पूरे देश में कोरोना की वजह से हालात सुधर रहे हैं और लोग स्वस्थ हो रहे हैं, रेड जोन ऑरेंज और ग्रीन में तब्दील हो रहे हैं। बावजूद इसके पश्चिम बंगाल में हालात खराब हो रहे हैं।

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