खबरेविदेश

चीन ने कहा, बिना शर्त सेना हटाए भारत

बीजिंग, 02 अगस्त: डोकलाम के मुद्दे पर चल रहे विवाद के बीच चीन ने बुधवार को भूटान की आड़ लेकर डोकलाम में घुसने के लिए भारत की निंदा की और बिना शर्त सेना हटाने को कहा है। यह जानकारी मीडिया रिपोर्ट से मिली।

चीनी विदेश मंत्रालय ने एक बयान जारी कर कहा है कि अगर चीन और भूटान के बीच में कोई विवाद है, तो दोनों देशों के बीच ही रहना चाहिए। भारत की इसमें कोई भूमिका नहीं है। भारत इस मुद्दे पर एक तीसरी पार्टी के तौर पर प्रवेश कर रहा है जो सिर्फ चीन की संप्रभुता ही नहीं, बल्कि भूटान की आजादी और संप्रभुता को भी चुनौती दे रहा है। चीन का यह बयान उन्हीं बयानों की तरह है जो विवाद के बाद से ही लगातार पीएलए और विदेश मंत्रालय की ओर से दिया जा रहा था।

महिला सांसद ने इमरान खान पर लगाया अश्लील मैसेज भेजने का आरोप

बयान में कहा गया है कि चीन अपनी जमीन की रक्षा करने में सक्षम है। कोई भी देश उसकी संप्रभुता को चुनौती नहीं दे सकता है। चीनी सेना किसी भी तरह के विरोध को झेलने की क्षमता रखती है। चीन ने कहा कि भारत के 400 से अधिक जवान 18 जून को करीब 180 मीटर तक चीनी इलाके में घुसे थे, लेकिन अब भी 40 सैनिक एक बुल्डोजर के साथ चीनी सीमा में हैं।

चीनी सेना देश की संप्रुभता और क्षेत्रीय अखंडता को अक्षुझण बनाए रखने में सक्षम है, लेकिन वह अभूतपूर्व संयम का परिचय दे रही है। चीनी विदेश मंत्रालय ने अपने बयान में दोहराया है कि सीमा समझौता पहले 1890 में चीन और भारत के औपनिवेशिक शासक ब्रिअेन के बीच हुआ था और बाद में भारत सरकार के साथ भी हुआ। लेकिन भारत की कार्रवाई चीनी क्षेत्र का गंभीर अतिक्रमण है जिससे शांति, स्थिरता और सामान्य अंतर्राष्ट्रीय व्यवस्था के लिए चुनौती है। विदित हो कि चीन जिस डोकलाम को अपना बता रहा है वह भूटान का इलाका है। 

इससे पहले चीन के राष्ट्रपति शी चिनपिंग ने मंगलवार को कहा था कि चीन अपनी संप्रभुता और सुरक्षा से कभी समझौता नहीं करेगा और उसकी सेना हर हमले को विफल करने के लिए आश्वस्त हैं। 

Related Articles

Back to top button
Close