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हाईकोर्ट की हिदायत और सरकार की चेतावनी के बाद भी काम पर नहीं लौटे डॉक्टर

जयपुर, 26 दिसम्बर(हि.स.)। प्रदेश मे हाईकोर्ट की सख्त हिदायत और सरकार की चेतावनी के बाद चिकित्सक बुधवार को भी काम पर नहीं लौटे हैं। चिकित्सकों ने सरकार की प्रक्रिया को दमनच्रक बताते हुए काम पर लौटने से इंकार कर दिया है ऐसे में अब पुलिस का धडपकड़ अभियान तेज होगा जिसको देखते हुए यह आंदोलन पूरे देश में फैलने का खतरा मंडराने लगा है। आंदोलन में चिकित्सा मकहमा और चिकित्सक दोनों की हठधर्मिता के कारण आंदोलन बिगड़ता जा रहा है। आंदोलन का खामियाजा वो मरीज भुगत रहे हैं जिनका इस आंदोलन से कोई सरोकार नहीं है। सरकार और चिकित्सक दोनों की अहम की लड़ाई में मरीज को पिसना पड़ रहा है। निजी चिकित्सालयों में भी दो घंटे उपचार नहीं मिलने के कारण मरीजों को परेशानियां उठानी पड़ी।

गौरतलब है कि प्रदेश में सरकारी चिकित्सक पिछले 11 दिनों से अपनी विभिन्न मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। सरकार की ओर से शुरूआत में ही मजबूत कदम नहीं उठाए गए, इसके चलते लगातार हालात बिगड़ते जा रहे हैं। चिकित्सकों ने पहले ही अपना उग्र रुख दिखा दिया था यदि सरकार के चिकित्सा मंत्री समय रहते मजबूत वैकल्पिक इंतजाम अस्पतालों मे कराते तो चिकित्सकों के आंदोलन का इतना असर नहीं देखने को मिलता अब जिला अस्पतालों और सरकारी चिकित्सालयों में हालात बद से बदतर है। ऐसे में मरीज का उपचार राम भरोसे है। जयपुर में एसएमएस अस्पताल में दूर-दराज से आए गरीब खुद को ठगा महसूस कर रहे है उनका इलाज की बजाए सर्द मौसम में खुले आसमान के नीचे सोना पड़ रहा है। आर्थिक तंगी के कारण दर्जनों मरीज और उनके परिजन खुले आकाश के नीचे सोने को विवश है चिकित्सकों की हड़ताल के कारण केवल सामान्य रोगियों का उपचार ही हो पा रहा है। अब तक हजारों ऑपरेशन पूरे प्रदेश में टल चुके है और कई गरीब मरीज उपचार के अभाव में जान गंवा चुके हैं।

सेवारत चिकित्सक संघ के अध्यक्ष अजय चौधरी ने कहा है कि सरकार को कोर्ट ने विधि सम्मत कार्रवाई के निर्देश दिए हैं लेकिन यह सरकार पूरी तरह दमनच्रक पर उतारू है और अब पूरे देश मे चिकित्सक हड़ताल पर जाएंगे। यदि यह हड़ताल लंबी खींची तो हड़ताल का खामियाजा पूरे देश में मरीजों को भुगतना पड़ सकता है। पूरे मामले में मरीजों को हर तरह से मुसीबत का सामना करना पड़ रहा है। निजी अस्पतालों में उनको इलाज नहीं मिल पा रहा है। सरकार की दी जा रही निजी अस्पतालों में रियायतों, छूट का लाभ इन मरीजों को नहीं मिल पा रहा है। 

सरकार को भेजी जाएगी रिपोर्ट:

बुधवार तक काम पर लौटकर आने वाले चिकित्सकों की रिपोर्ट सरकार को भेजी जाएगी इसके बाद उन चिकित्सकों के खिलाफ सरकार सख्त एक्शन ले सकती है जो काम पर लौटने को तैयार नहीं है। सरकार बर्खास्तगी तक की कार्रवाई कर सकती है।

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