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उपेक्षा और तिरस्कार का जीवन जीने को मजबूर तृतीय पंथी

तृतीय पंथियों प्रति नजरिया बदलेगा

पालघर : तृतीय पंथियों को लेकर पालघर जिला परिषद की अध्यक्ष वैदेही वाढाण नें कहा की तृतीय पंथी समाज के लोंग हमारे समाज का हिस्सा हैं. उसके बावजूद भी वह 21 वीं सदी में भी वे अपने मूल अधिकारों से वंचित है , और उपेक्षा और तिरस्कार का जीवन जीने को मजबूर हैं. लेकिन सरकारी योजनओं से तृतीय पंथियों के प्रति लोगों का नजरिया बदलेगा. पालघर जिले के बोईसर मंडल अधिकारी कार्यालय में आयोजित विशेष सहायता शिविर में बोल रही थीं. तृतीय पंथियों के उत्ताथ, सम्मान और उन्हें सरकारी योजनओं का लाभ मिले इसके लिए पालघर विधानसभा क्षेत्र प्रमुख वैभव संखे के प्रयास से इस शिबीर का आयोजन किया गया था.

   इस अवसर पर बोईसर मंडळ अधिकारी मनिष वर्तक ने कहा की 1 जनवरी से 31 जनवरी तक गांवों में वंचित एवं कमजोर वर्ग के लिए विशेष सहायता योजना लागू की जायेगी. इस योजना के लाभार्थियों कों संजय गांधी निराधार योजना के तहत प्रति माह 1000 रुपये की वित्तीय सहायता मिलेगी. इसकी शुरुआत आज तृतीय पंथियों से हुई है. साथ ही उन्हों ने कहा की श्रवण बाल सेवा राज्य सेवानिवृत्ति योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय वृद्धावस्था सेवानिवृत्ति योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा सेवानिवृत्ति योजना, इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विकलांगता सेवानिवृत्ति योजना, राष्ट्रीय परिवार लाभ योजना ऐसी कई योजनायें है. इन योजनओं का लाभ दिलाने के लिए ग्राम पंचायत के सरपंच और सदस्यों को गांवों में वंचित एवं कमजोर वर्ग के लोगों को करना चाहिए.

वही इस शिबिर के बाद ख़ुशी जताते हुए वैभव संखे ने कहा की तृतीयपंथी समाज को एक उपेक्षित तत्व के रूप में जाना जाता है. मुझे खुशी है कि इन उपेक्षित तत्वों को जिला प्रशासन के साथ समन्वय कर उन्हें अब सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा.

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