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निशानेबाजी : मेहुली में अभी और सुधार की गुंजाइश : कोच कर्माकर

कोलकाता (ईएमएस)। आस्ट्रेलिया के गोल्ड कोस्ट में जारी 21वें राष्ट्रमंडल खेलों में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में रजत पदक जीतने वाली 17 वर्षीय निशानेबाज मेहुली घोष के कोच और पूर्व ओलम्पियन जॉयदीप कर्माकर का कहना है कि इस कामयाबी के बाद वह हवा में नहीं उड़ रहे हैं, उनके पैर जमीन पर हैं। गोस्ड कोस्ट से कर्माकर ने बताया, मैं अभी बहुत खुश हूं। यह मेहुली का पहला राष्ट्रमंडल खेल है और फाइनल में प्रवेश करने और रजत पदक जीतने का श्रेय उसे मिलना चाहिए। कर्माकर ने कहा, अभी भी मैं इसे ज्यादा बड़ी उपलब्धि नहीं मानूंगा और एक कोच एवं तकनीकी व्यक्ति रूप में कहना चाहूंगा मेहुली में अभी भी सुधार की बहुत गुंजाइश है। उन्होंने कहा कि मेहुली अभी शानदार फॉर्म में चल रही हैं।

उन्होंने हाल में मेक्सिको में हुए आईएसएसएफ विश्व कप में दो कांस्य पदक जीते थे। कर्माकर ने कहा, मैंने उससे बात की और वह अभी सिर्फ 17 साल की है, इसलिए उसमें अनुभव की कमी है। आप इन्ही चीजों से सीखते हैं। वह बहुत भाग्यशाली है कि उसे इस स्तर पर खेलने का मौका मिला। इस प्रकार की प्रतियोगिता से उसे बहुत अनुभव मिलेगा। उन्होंने कहा, मेहुली सही रास्ते पर आगे बढ़ रही है। अब वर्ल्ड चैंम्पियनशिप उसका प्रमुख लक्ष्य रहेगा और टोक्यो 2020 भी हमारे दिमाग में है। जॉयदीप कर्माकर ने राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय निशानेबाजों के प्रदर्शन पर कहा, राष्ट्रमंडल खेलों में भारतीय निशानेबाजों का प्रदर्शन हमेशा ही अच्छा रहा है। मेरे विचार में इस बार के नतीजे ग्लासगो से अच्छे होंगे क्योंकि स्पर्धाओं में कमी की गई है।

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