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नीरव कांड के बाद ज्वैलरी की कीमतों में 20 फीसदी की गिरावट

कोलकाता (ईएमएस)। पीएनबी महाघोटाले से जेम्स एंड ज्वैलरी के ग्राहकों का विश्वास बुरी तरह डगमगा गया है। जड़ी हुई और प्लेन ज्वैलरी दोनों की मांग में 15-20 फीसदी तक की कमी आई है। फरवरी में सामने आए नीरव मोदी कांड को इसकी प्रमुख वजह माना जा रहा है। ज्वैलरी ट्रेड से जुड़े लोगों का कहना है कि 12, 700 करोड़ के इस बैंकिंग फर्जीवाड़े की वजह से ऐसा हुआ है, जिसका खुलासा फरवरी की शुरुआत में हो गया था। व्यापारियों का कहना है कि जनवरी से देश में सोने की हॉलमार्किंग अनिवार्य नहीं की गई है, इसलिए ग्राहक इसकी शुद्धता को लेकर आशंकित हो गए हैं। इस वजह से वे अभी ज्वैलरी की खरीदारी करने से कतरा रहे हैं।

इस बारे में ऑल इंडिया जेम्स एंड ज्वैलरी ट्रेड फेडरेशन (जीजेएफ) के चेयरमैन नितिन खंडेलवाल ने कहा, ‘ऐसी खबरें आई हैं कि गीतांजलि ग्रुप असली हीरों की जगह सिंथेटिक हीरे बेच रहा था। इससे ग्राहकों के मन में ज्वैलरी की गुणवत्ता को लेकर शक गहरा हो गया है। भारत में गोल्ड ज्वैलरी का बाजार करीब तीन लाख करोड़ का है।

इंडियन बुलियन एंड ज्वैलर्स असोसिएशन के नेशनल सेक्रटरी सुरेंद्र मेहता ने पंजाब नेशनल बैंक धोखाधड़ी के बाद आभूषणों की मांग घटने की पुष्टि की। उन्होंने कहा हमें उम्मीद है कि यह महीना खत्म होते-होते स्थिति में सुधार हो जाएगा। हमारा अनुमान है कि सभी ज्वैलरों के लिए हॉलमार्किंग अनिवार्य कर दी गई, तो लोग हीरे जड़े सोने के आभूषण से सामान्य सोने के आभूषणों का रुख करेंगे। कुछ व्यापारियों का यह भी मानना है कि बिक्री घटने का एक कारण सोने की कीमतों आई उछाल भी हो सकता है।

सरकार ने जनवरी से हॉल मार्किंग अनिवार्य होने के संकेत दिए थे, लेकिन अब तक इसके नियम-कायदे तय नहीं हो सके हैं। इसलिए इसमें देरी हो रही है। इस बारे में इंडियन असोसिएशन ऑफ हॉलमार्किंग सेंटर के प्रेजिडेंट हर्षद अजमेरा के मुताबिक, भारतीय मानक ब्यूरो हॉलमार्किंग के ड्राफ्ट रूल्स और रेग्युलेयशंस कानून मंत्रालय को सौंप चुका है। उन्होंने यह भी कहा कि इसलिए सोने की हॉलमार्किंग कभी भी अनिवार्य की जा सकती है। कुछ व्यापारियों ने कहा कि सोने की कीमत बढ़ने की वजह से भी इसकी मांग कम हुई है।

अंतरराष्ट्रीय बाजार में गोल्ड की स्पॉट प्राइस गुरुवार को 0.2 फीसदी बढ़कर 1,328.81 डॉलर (लगभग 86,300 रुपये) प्रति औंस चल रही थी। बुधवार को गोल्ड 1,340.42 (लगभग 87,100 रुपये) डॉलर तक चला गया था, जो हफ्ते भर में इसकी सबसे अधिक कीमत थी। एंजल कमोडिटीज के चीफ ऐनालिस्ट, प्रथमेश माल्या ने बताया कि पिछले एक महीने में डॉलर में 2 फीसदी की तेजी आई है, इसलिए गोल्ड सहित सभी कमोडिटी के दाम कम हुए हैं। माल्या का कहना है कि इस महीने गोल्ड की कीमत 1270 डॉलर (लगभग 82,550 रुपये) प्रति औंस की तरफ जा सकती है। एमसीएक्स पर गोल्ड की कीमत 29,300 रुपये प्रति 10 ग्राम की तरफ जाएगी।

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