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हरियाणा में नए उद्योगों को मिलेगी निवेश की सब्सिडी.

चंडीगढ़, 12 जनवरी=  हरियाणा सरकार ने कपड़ा, कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण, फूटवीयर एवं डिफेंस या एरोस्पेस या इलेक्ट्रॉनिक्स या ऑटो अवयव या रेलवे क्षेत्रों की अल्ट्रा मैगा परियोजनाओं, मैगा परियोजनाओं, बड़ी इकाइयों, सूक्ष्म लघु एवं मध्यम उद्यमों के लिए ‘वैट/एसजीएसटी पर निवेश सब्सिडी’ योजना लागू की है।

हरियाणा उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के प्रवक्ता ने गुरूवार को बताया कि यह महसूस किया गया है कि उद्योग को प्रतिस्पर्धी एवं टिकाऊ बनाने के लिए कारोबार लागत को कम करने हेतु वैट/एसजीएसटी पर निवेश सब्सिडी का एक बड़ा वित्तीय प्रोत्साहन दिया जाना आवश्यक है।

उन्होंने बताया कि उदाहरण के तौर पर अल्ट्रा मैगा परियोजनाओं को हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड द्वारा राज्यभर में सरकार द्वारा निर्धारित मूल्य पर भूमि आबंटन और मिश्रित भूमि उपयोग सहित विशेष प्रोत्साहन पैकेज दिए जाएंगे। वैट/एसजीएसटी पर निवेश सब्सिडी की मात्रा हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड द्वारा निर्धारित की जाएगी। उन्होंने कहा कि नई निर्धारित पूंजी के शत-प्रतिशत निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तिथि से मैगा परियोजनाओं को डी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 75 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 35 प्रतिशत सी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 50 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 25 प्रतिशत; बी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 30 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 15 प्रतिशत अदा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि हरियाणा उद्यम प्रोत्साहन बोर्ड सहायक उद्यमों को विकसित करने की क्षमता रखने वाली मैगा परियोजनाओं को प्रोत्साहनों का विशेष पैकेज उपलब्ध करवाने पर भी विचार कर सकता है।

उन्होंने कहा कि नए उद्यमों के लिए नई निर्धारित पूंजी के शत-प्रतिशत निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तिथि से बड़ी इकाइयों को डी श्रेणी खंडों में पहले सात वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 75 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 35 प्रतिशत; सी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 50 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 25 प्रतिशत अदा किया जाएगा। विस्तारित निर्धारित पूंजी निवेश पर नई निर्धारित पूंजी के शत-प्रतिशत निवेश के साथ वर्तमान इकाई के विस्तार या विविधिकरण के लिए संयंत्र एवं मशीनरी पर किए गए 50 प्रतिशत अतिरिक्त निवेश पर डी श्रेणी खंडों में पहले सात वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 75 प्रतिशत और सी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए 50 प्रतिशत को कुल भुगतान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि नए उद्यमों के लिए नई निर्धारित पूंजी के शत-प्रतिशत निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तिथि से सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यमों को सी एवं डी श्रेणी खंडों में पहले सात वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 75 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 35 प्रतिशत बी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए 50 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 25 प्रतिशत अदा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि विस्तारित निर्धारित पूंजी निवेश की नई निर्धारित पूंजी के शत-प्रतिशत निवेश के साथ वर्तमान इकाई के विस्तार या विविधिकरण के लिए संयंत्र एवं मशीनरी पर किए गए कम से कम 50 प्रतिशत अतिरिक्त निवेश पर सी एवं डी श्रेणी खंडों में पहले सात वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 75 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 35 प्रतिशत; बी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए 50 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 25 प्रतिशत का कुल भुगतान किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कपड़ा क्षेत्र की मैगा, बड़ी तथा एमएसएमई (वस्त्र एवं बुनाई, कढ़ाई/ या टैक्निकल टैक्सटाइल या कताई, कपास कताई या पावर लूम) को नए उद्यमों के लिए नई निर्धारित पूंजी के शत-प्रतिशत निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तिथि से सी एवं डी श्रेणी खंडों में पहले सात वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 75 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 35 प्रतिशत; बी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए 50 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 25 प्रतिशत अदा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि कृषि एवं खाद्य प्रसंस्करण क्षेत्र की मैगा, बड़ी तथा एमएसएमई (वस्त्र एवं बुनाई, कढ़ाई/ या टैक्निकल टैक्सटाइल या कताई, कपास कताई या पावर लूम) को नए उद्यमों के लिए नई निर्धारित पूंजी के शत-प्रतिशत निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तिथि से बी,सी एवं डी श्रेणी खंडों में पहले सात वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 75 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 35 प्रतिशत अदा किया जाएगा। उन्होंने बताया कि इसीप्रकार, फूटवीयर क्षेत्र की मैगा, बड़ी तथा एमएसएमई (चमड़ा प्रसंस्करण को छोडक़र मूल्य वर्धित उत्पाद) को नए उद्यमों के लिए नई निर्धारित पूंजी के शत-प्रतिशत निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तिथि से सी एवं डी श्रेणी खंडों में पहले सात वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 75 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 35 प्रतिशत; बी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए 50 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 25 प्रतिशत अदा किया जाएगा।

उन्होंने बताया कि इसीप्रकार, डिफेंस या एरोस्पेस या इलेक्ट्रॉनिक्स या ऑटो अवयव क्षेत्र की मैगा, बड़ी तथा एमएसएमई उद्यमों के लिए नई निर्धारित पूंजी के शत-प्रतिशत निवेश के साथ वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने की तिथि से बी,सी एवं डी श्रेणी खंडों में पहले सात वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 75 प्रतिशत एवं अगले तीन वर्षों के लिए 35 प्रतिशत अदा किया जाएगा। उन्होंने कहा कि बड़े सेवा उद्यमों को नई निर्धारित पूंजी के 90 प्रतिशत निवेश के साथ नए सेवा उद्यम की सेवा शुरू करने की तिथि से बी,सी एवं डी श्रेणी खंडों में पहले पांच वर्ष के लिए वैट/एसजीएसटी का 50 प्रतिशत अदा किया जाएगा।

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