मुंबई

आखिर अपनों की हवस ने बना दिया हिजड़ा .

                                बचपन में गुजरे हादसे ने बदले थे इस मासूमजिन्दगी के सरोकार.

                                                 जिन्दगी की दुश्वारियों में छ्टपटाते एक इन्सान की पुकार . 

 जय सिंह .

मुंबई :=हाल में ही देश की नई सरकार ने समाज के एक अलहदा, गुमनाम और अपने वज़ूद की पहचान को तरसते बड़े वर्ग को ‘थर्ड जेन्डर‘ का नाम दिया है। सम्मान से वंचित, देश-समाज की मुख्यधारा से कटा-बटा और हाशिये के त्रास को भोगता ये कुनबा मनुष्य मात्र होकर भी मनुष्यों की ही घोर उपेक्षा का शिक़ार है। मासूम गुलों को झुलसा देती हैं सहरा की हवाएं, दिल बहुत नादाँ है इसे बुरे अहसासों से बचाएं। आँखों में अश्क़ ला सकतीं हैं किसी की पुरदर्द सदाएं, आप नाज़ुक बच्चों को शैतानी पंजों से बचाएं।। 

माता-पिता के प्रेम और परवरिश से वंचित एक बच्चे का बचपन समाज के ही कुछ ऐसे भेड़ियों की कुत्सित नीयत का इस तरह शिकार हुआ कि बाकी के सारे जीवन को एक अपाहिज़ और अधूरी पहचान के साथ जीने को अभिशप्त है। एक बच्चे की आधारभूत और लैंगिक पहचान को किन्ही ग़लत इंसानी हाथों ने कुछ यूं बाधित किया कि आज तक वो अपनी पहचान और वज़ूद को सहेजने की ज़ंग लड़ रहा है। हेमांग नाम का ये बच्चा एक लड़के के रूप में पैदा हुआ था लेकिन उस अनाथ की ज़िंन्दगी की तमाम उथल-पुथल ने आज उसे ‘थर्ड जेन्डर‘ की उपेक्षित जमात में शामिल कर दिया है। एक बच्चे को सहारा देने के नाम पर एक परिवार ने बड़े ग़ैर-इन्सानी ज़ुल्म-ओ-सितम ढाकर हेमांग को बाक़ी की तमाम ज़िंदगी के लिए अपाहिज बनाने की नापाक़ साज़िश को अंजाम दिया। इस परिवार के ही एक सम्मानित सदस्य ने इस बच्चे के साथ अप्राकृतिक यौन दुर्व्यवहार किया और उसकी ज़ायदाद हासिल करने के वास्ते उसका आर्थिक, मानसिक और शारीरिक शोषण किया। 

 हेमांग से हेमांगी बना ये इंसान आज सौन्दर्य और कला के क्षेत्र सिनेमा में एक कलाकार के तौर पर सक्रिय है। शबनम मौसी और डाउन टाउन जैसी फिल्मों में काम करने के बाद अब दक्षिण भारतीय सिनेमा में निर्माता इंद्र मोहन की फिल्म ‘थर्ड मैन‘ के ज़रिए अपनी अभिनय पारी का आगाज़ करने वाली हेमांगी अब इसी नाम से बन रही हिन्दी रीमेक फिल्म में भी अपनी एक्टिंग से दर्शकों को एंटरटेन करने जा रही है। इस फिल्म में हेमांगी ने एक ट्रान्सजेन्डर किरदार के तमाम पहलुओं और रंगों को उभारा, बिखेरा और पूरी शिद्दत से निभाया है। एक कनाडा की डॉक्युड्रामा फ़िल्म निर्मात्री और निर्देशिका ने हिस्ट्री चैनल के लिए हेमांगी की निजी ज़िंदगी की कहानी को कैमरे के जरिए बयाँ करने के मक़सद से अपनी डॉक्युमेंट्री फिल्म का विषय बनाया है। इधर एक हॉलीवुड फिल्म में भी काम कर चुकी हेमांगी अब अपने कुछ दोस्तों और शुभचिंतकों की मदद से अपनी ज़िन्दगी को अब एक नए मक़सद और मायनों के साथ फ़िल्मों के रुपहले परदे पर बतौर अदाकारा सजाने और संवारने में मसरूफ़ है।     

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