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इससे बढ़िया वक्त युवाओं के लिए फिर नहीं आएगा: बराक ओबामा

नई दिल्ली, 01 दिसम्बर (हि.स.)। पहले कभी इतने साधन नहीं थे कि दुनिया में बदलाव लाया जाए, जितने आज हैं। इसीलिए युवाओं के लिए इससे बढ़िया वक्त नहीं आएगा बदलाव लाने के लिए, दुनिया के आम लोगों की परेशानियों को जानने का। सारी दुनिया आज पहले से बहुत बेहतर हुई है। अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने नई दिल्ली में एक कार्यक्रम में यह बातें कहीं, जहां 300 से ज्यादा ऐसे युवा आए थे, जो किसी ना किसी क्षेत्र में दुनिया में आम लोगों के लिए बेहतर काम कर अपनी पहचान बना रहे हैं और दुनिया को एक बेहतर स्थान बना रहे हैं। 

ओबामा ने कहा कि किसी देश का राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री या महापौर शक्तिशाली नहीं होता, लोकतंत्र की शक्ति तो उसके नागरिकों में होती है। पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में बराक ओबामा की ये पहली भारत यात्रा है। बराका ओबामा ने कहा कि तकनीकी समाज और देश में बेहतरी लाने के लिए एक अच्छा साधन हो सकता है लेकिन ये हमें एकांत जीवन की ओर भी ले जाता है। ये हमें एकतरफा विचारों वाला बना सकता है। ऐसे में जरूरत है कि हम अपने आराम से बाहर निकले और संवाद बढ़ाएं। ओबामा फाउंडेशन भी यहीं कर रहा है। वे लोगों को ऐसे लोगों से मिलने के अवसर दे रहा है, जिनसे आप-हम अपनी सामान्य जिंदगी में नहीं मिलते। ओबामा फाउंडेशन समुदायों, वर्गों के लोगों के बीच बेहतर संवाद कायम करने पर काम कर रहा है और वो भी सिर्फ तकनीकी संवाद नहीं, व्यक्ति से व्यक्ति का, जो जीवंत हो। ओबामा ने कहा कि परिवर्तन लाना आसान नहीं होता लेकिन इसका मतलब ये नहीं कि हम अपना उत्साह खो दें। अपने प्रयासों को जारी रखो। भले ही आपके प्रयास छोटे हो, लेकिन वे भी प्रभाव डालेंगे। 

युवाओं से बात करते हुए बराक ओबामा ने कहा कि अमेरिकी राष्ट्रपति के रूप में वे पूरी दुनिया में घूमे, लोगों से मिले लेकिन दुनिया के अधिकांश देशों में उन्हें राजनैतिक दलों में बुजुर्गों की बहुतायत दिखी। अब समय आ गया है कि हमें युवाओं को आगे आने का मौका देना चाहिए। अपने अनुभव को सुनाते हुए ओबामा ने कहा कि वे शुरू से ड्रेमोक्रेटिक पार्टी के सदस्य रहें हैं। वहां भी कई ऐसे नेता थे, जो उनके स्कूल के समय से पार्टी में पदों पर थे और लंबे समय तक बने रहे। राजनैतिक दलों को युवाओं को आगे लाना चाहिए। उन्हें नेतृत्व का मौका देना चाहिए। अपने संगठन में ज्यादा से ज्यादा युवाओं को शामिल करना चाहिए। यदि युवा गलती भी करते हैं, तो उन्हें बताएं, हतोसाहित्त ना करें। उनका मार्गदर्शन करें।

भारत को सलाह देते हुए बराक ओबामा ने कहा कि भारत को अपनी स्वास्थ्य सेवाओं पर ध्यान देने के अलावा बीमारियों की रोकथाम पर भी युद्धस्तर पर काम करना चाहिए, जिससे बीमारियों को पहले ही रोक दिया जाए। बीमारियों को जड़ से खत्म कर दिया जाए। ओबामा ने भारत में गर्भवती महिलाओं के स्वास्थ्य को लेकर ज्यादा से ज्यादा निवेश करने पर जोर दिया। पूर्व राष्ट्रपति ने कहा कि यदि जच्चा-बच्चा स्वस्थ्य होंगे, तभी एक स्वस्थ्य देश का निर्माण किया जा सकेगा। इसके अलावा बराक ओबामा ने आम लोगों के लिए बेहतर भोजन, खासकर पौष्टिक भोजन की उपलब्धता पर जोर दिया। 

पूर्व राष्ट्रपति ने ट्रॉन्सजेंडर, आर्थिक समानता, लोकतांत्रिक मूल्यों, युवाओं को नेतृत्व के अवसर, स्वास्थ्य, महिलाएं एवं बच्चें सहित कई मुद्दों पर अपनी बात रखी। बराक ओबामा अमेरिका के 44वें राष्ट्रपति थे, जो 2008 से 2016 तक लगातार दो बार अमेरिकी राष्ट्रपति रहे। 

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