खबरेबिहारराज्य

किसका हक़ दिल्ली के बिहार भवन व बिहार निवास पर, फैसला आपके सामने

पटना। बिहार में नीतीश कुमार के एनडीए में लौटते ही बिहार झारखंड के बीच 17 वर्षों से चली आ रही लड़ाई अब खत्म हो गई है. दोनों राज्यों में एनडीए सरकार आने से दिल्ली के लुटियन स्थित बिहार निवास और बिहार भवन पर चल रहे वर्चस्व की लड़ाई का आसान समाधान निकाल लिया गया है.

दिल्ली स्थित बिहार भवन और बिहार निवास पर बिहार और झारखंड के बीच कब्जे की जंग का सौहार्दपूर्ण समाधान हो गया है. बिहार भवन अब बिहार का हीं होगा. इससे पहले बिहार भवन पर दोनों राज्यों के बीच हक को लेकर विवाद चल रहा था. झारखंड सरकार इन दोनों भवनों पर एक तिहाई हिस्सेदारी चाहती थी.

केंद्रीय गृह मंत्रालय और केंद्रीय शहरी विकास मंत्रालय की पहल के बाद इस मामले को सुलझाते हुए यह निष्कर्ष निकाला गया कि बिहार भवन और बिहार निवास पर बिहार सरकार का कब्जा होगा और बदले में बिहार सरकार, झारखंड को मुआवजा देगी. बिहार सरकार झारखंड को मुआवजा भुगतान करने को सहमत हो गई है. मुआवजे की राशि 41 करोड़ रखी गई है.

बता दें कि बिहार भवन 32 कमरों और बिहार निवास 64 कमरों वाला भवन है जो देश की राजधानी New Delhi के चाणक्यपुरी के कौटिल्य मार्ग पर स्थित है. बता दें कि शहरी विकास मंत्रालय ने इन दोनों भवनों और प्रॉपर्टी की कीमत करीब 350 करोड़ आंकी गई है. गृह मंत्रालय ने भी यह स्पष्ट किया था कि बिहार झारखंड के पापुलेशन के अनुपात को देखते हुए यह झारखंड का हक़ बनता है कि उसे एक तिहाई हिस्सा मिले. या बदले में मुआवजा दिया जाए.

Related Articles

Back to top button
Close