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किसान महाआंदोलन : मुंबई के आजाद मैदान में जुटे 50 हजार से ज्यादा किसान , CM फडणवीस ने कहा …….

नासिक से शुरू हुई किसानों की 200 किलोमीटर की पैदल यात्रा मुंबई में डेरा डाल चुकी है।

– किसान आंदोलन से गर्म हुई सूबे की राजनीति, शिवसेना- कांग्रेस ने दिया समर्थन
– सरकार ने समस्या के निराकरण के लिए गठित की कमेटी, छह मंत्री शामिल

मुंबई (ईएमएस)। महाराष्ट्र में आंदोलनरत किसानों के तेवर देखते हुए महाराष्ट्र सरकार भी ऐक्शन में आ गई है। राज्य सरकार ने किसान समस्याओं के निराकरण के लिए एक कमेटी का गठन किया है। इस समेटी में राज्य सरकार के छह मंत्री चंद्रकांत पाटिल, पांडुरंग फुडकर, गिरीश महाजन, विष्णु सवारा, सुभाष देशमुख और एकनाथ शिंदे शामिल हैं।

इससे पहले किसानों की लगातार बढ़ती संख्या और आक्रोश को देखते हुए महाराष्ट्र सरकार ने अपनी ओर से कैबिनेट मंत्री गिरीश महाजन को किसानों से बातचीत के लिए भेजा था। उन्होंने किसानों को आश्वासन दिया कि उनकी मांगों को लेकर सरकार बेहद सकारात्मक है।
इस बीच किसानों का मोर्चा आजाद मैदान पहुंच चुका है। महामोर्चा में 50 हजार से अधिक किसान शामिल हैं। किसानों ने सोमवार को महाराष्ट्र विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है। किसानों के मोर्चे को लेकर सूबे की राजनीति में गर्मी आ गई है। शिवसेना और कांग्रेस ने किसानों के आंदोलन को समर्थन दिया है।

मुंबई नगरपालिका ने आज़ाद मैदान में किसान मोर्चा के लिए ख़ास इंतज़ाम किए हैं। 40 सीटों वाला टॉयलेट, पानी के चार टैंकर, एंबुलेंस का इंतज़ाम किया गया है। मंत्रालय और आज़ाद मैदान के आसपास के सार्वजनिक शौचालयों को अगले दो दिन तक मुफ़्त सेवा देने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही आज़ाद मैदान में साफ़ सफ़ाई के लिए अतिरिक्त लोगों को लगाया गया है।

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ज्ञात हो कि भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (भाकपा) के किसान मोर्चे अखिल भारतीय किसान सभा (एआईकेएस) की अगुवाई में यह विरोध मार्च मंगलवार को नासिक से मुंबई के लिए रवाना हुआ था। हाथों में लाल झंडा थामे ये किसान ऑल इंडिया किसान सभा समेत तमाम संगठनों से जुड़े हैं। इस मार्च में किसानों के साथ खेतिहर मज़दूर और कई आदिवासी शामिल हैं. इनकी प्रमुख मांगों में कर्ज़माफी ले लेकर न्यूनतम समर्थन मूल्य बढ़ाने और स्वामीनाथन कमेटी की रिपोर्ट को लागू करना शामिल है। किसानों का कहना है कि फडणवीस सरकार ने पिछले साल किया 34000 करोड़ की कर्ज़ माफी का वादा अब तक पूरा नहीं किया है।

हम बातचीत के लिए तैयार : फडणवीस

इस बीच मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कहा है कि सरकार किसानों के साथ बातचीत के लिए तैयार है। मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने आंदोलनरत किसानों से शहर में यातायात नहीं रोकने की भी अपील की ताकि शहर में दसवीं की परीक्षा देने वाले छात्रों को परीक्षा केंद्रों पर जाने में विलंब ना हों।

फडणवीस ने कहा, ”हम उनसे बात करेंगे और उनके मुद्दों को सुलझाएंगे। सरकार उनकी मांगों को लेकर सकारात्मक है। अधिकांश आंदोलनकारी आदिवासी हैं और उनकी मुख्य मांग वन भूमि पर अधिकार है।” उन्होंने कहा, ”उनकी मांगों पर चर्चा के लिए हमने मंत्रियों की एक समिति बनायी है। हमने किसान नेताओं को बातचीत के लिए बुलाया है।”

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