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तीन पद्म सम्मान से बढ़ा असम का मान, लोग मुस्कुराए

विशेष … गुवाहाटी, 26 जनवरी (हि.स.)। देश के 69वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर घोषित किए गए पद्म श्री पुरस्कारों के लिए असम से तीन साहित्यकारों के नाम भी शामिल किए गए हैं। इससे राज्य में खुशी की लहर दौड़ गई है। तीनों नाम साहित्य, रचनाकार, लेखन के क्षेत्र से आते हैं। इनमें राज्य के प्रमुख अंग्रेजी दैनिक असम ट्रिब्यून के संपादक व ट्रिब्यून ग्रुप के प्रबंध निदेशक प्रफुल्ल गोविंदा बरुवा, प्रसिद्ध लेखक अरूप कुमार दत्ता और साहित्यकार व लेखक जयश्री गोस्वामी महंत का नाम शामिल है।

उल्लेखनीय है कि प्रफुल्ल गोविंदा बरुवा (पीजी बरुवा) ने 1966 में असम ट्रिब्यून ग्रुप के प्रबंध निदेशक के रूप में पदभार संभाला था। प्रकाशन कार्यालय के प्रबंध निदेशक के रूप में अपनी स्थिति के अलावा वे एक प्रमुख अंग्रेजी दैनिक, असम ट्रिब्यून के संपादक भी हैं। असम ट्रिब्यून ग्रुप अंग्रेजी के अलावा दैनिक असम, साप्ताहिक असम बानी और साहित्यिक मासिक गारियाशी पत्रिकाओं का भी प्रकाशन करता है। तीनों असमिया भाषा के समाचार-पत्र हैं। 

पीजी बरुवा पत्रकारिता में योगदान के अतिरिक्त कई सामाजिक-सांस्कृतिक संगठनों के साथ सक्रिय रूप से जुड़े हुए हैं। इसमें ज्योतिरूपा थिएटर भी शामिल है। उन्होंने असम में शौकिया थियेटर को बढ़ावा देने में भी अपनी भूमिका का निर्वाह किया है। पीजी बरुआ को असम साहित्य सभा और कमला सैकिया ट्रस्ट सहित विभिन्न प्रमुख संगठनों द्वारा सम्मानित किया जा चुका है| इसके अलावा कैंसर संस्थान ने कैंसर के नियंत्रण के लिए जागरूकता पैदा करने में उनकी भूमिका के लिए बरुवा को प्रशंसा-पत्र भी प्रदान किया है।

पद्मश्री के लिए चयनित अरुण कुमार दत्ता एक लेखक और पत्रकार हैं। उन्होंने 17 उपन्यास और 14 अन्य पुस्तकों की रचना की है। 2014 में उन्हें एसोसिएशन ऑफ राइटर्स और बच्चों के लिए इलस्ट्रेटर, नई दिल्ली और युवा लोगों के लिए इंटरनेशनल बोर्ड ऑफ बुक्स के भारतीय अध्याय द्वारा लाइफटाइम अचीवमेंट अवार्ड से सम्मानित किया गया। उन्होंने कई पुरस्कार जीते हैं। इसमें 1979 में शंकर पुरस्कार भी शामिल है। वे समाचार पत्रों में नियमित रूप से स्तंभ लेखन भी करते हैं। 

पद्मश्री के लिए चयनित होने के अवसर पर उन्होंने मीडिया के साथ बातचीत करते हुए कहा कि ‘यह एक सम्मान है और मैं इसे हृदय की गहराई से स्वीकार करता हूं। एक लेखक के रूप में, मुझे मेरे पाठकों से फीडबैक से ज्यादा लाभ मिलता है। हालांकि, जो मैंने हासिल किया है, उसके लिए मैं अपने चाहने वालों का स्वागत करता हूं।’ 

पद्मश्री पाने वालों की सूची में तीसरा नाम जयश्री गोस्वामी महंत हैं। उन्होंने लेखक, उपन्यासकार, साहित्यकार, राजनीतिज्ञ के रूप में अपनी छाप राज्यवासियों पर भरपूर छोड़ी है। महंत 1991-2002 में राज्यसभा में असम का प्रतिनिधित्व करते हुए भारत की संसद के ऊपरी सदन में असम गण परिषद के सदस्य के रूप में चुनी गई थीं। उनके पति प्रफुल्ल कुमार महंत असम के दो बार मुख्यमंत्री रह चुके हैं।

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