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दिल्ली-एनसीआर की आबोहवा खतरनाक

नई दिल्ली, 07 नवंबर (हि.स.)। राष्ट्रीय राजधानी से सटे पड़ोसी राज्यों में फसलों के अवशेष जलाने के चलते वहां से आने वाली हवाओं ने मंगलवार सुबह दिल्ली और एनसीआर की वायु गुणवत्ता को खतरनाक स्तर पर पहुंचा दिया है। मौसम विभाग ने बाकायदा कुछ दिन पहले इसकी चेतावनी जारी की थी कि दिल्‍ली में 7 नवंबर यानी आज के दिन एयर लॉक हो सकता है। एयर लॉक यानी ऐसी स्थिति जब वातावरण में प्रदूषित कण एक ही जगह ठहर जाएंगे। जिससे सुबह और दोपहर को भारी स्मॉग पड़ेगा। मंगलवार सुबह सड़क पर निकलने वाले राहगीरों को आंखों में जलन, मिचलन, सांस फूलने की समस्या को झेलना पड़ रहा है। 

मुख्यमंत्री अरविन्द केजरीवाल ने भी ट्विटर पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा, ‘हम सभी पिछले कई वर्षों से इस समस्या का समाधान खोजने में लगे हैं। दिल्ली एक माह के लिए गैस चैंबर बन जा रही है।’ वहीं भारतीय मेडिकल एसोसिएशन अध्यक्ष के के अग्रवाल ने सलाह दी है कि वायु प्रदूषण खतरनाक स्तर पर पहुंच चुका है। इस दौरान विद्यालयों में खुले में कराए जाने वाले खेल और अन्य आयोजनों को रद्द कर देना चाहिए। इस संबंध में अग्रवाल ने बाकायदा दिल्ली उपमुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री मनीष सिसोदिया को पत्र भी लिखा है। 

उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले एक रिपोर्ट में कहा गया था कि ऐसी स्थिति इसीलिए बन सकती है क्योंकि दिल्ली में हवा दो से तीन किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी, जिससे प्रदूषित कण वातावरण में प्रवाह नहीं हो पाएंगे| ये कण हवा में मौजूद नमी के कारण स्मॉग में तब्दील हो जाएंगे। मौसम वैज्ञानिकों ने कहा था कि दक्षिण-पश्चिम दिशा से चलने वाली हवा की गति आने वाले दिनों में कम रहेगी। इससे प्रदूषण का स्तर बढ़ता जाएगा। जो स्मॉग में तब्दील हो जाएगा। यह वातावरण लोगों के लिए बेहद खतरनाक साबित हो सकता है। 

बढ़ते प्रदूषण के कारण ही सुप्रीम कोर्ट ने दीपावली से पहले दिल्ली-एनसीआर में पटाखों की बिक्री पर बैन लगा दिया था | इसके विरोध में कुछ हिन्दू संगठनों और व्यापारियों की अपील पर तब सुप्रीम कोर्ट ने कहा भी था कि जीना ज्यादा जरूरी है न कि पटाखे फोड़ना | एनजीटी भी समय-समय पर प्रदूषण रोकने के लिए केंद्र-राज्य सरकारों को टोकते रहा है | इसके बावजूद समस्या का स्थाई हल न निकल पाना चिंता का विषय है | हालत यह है कि दिल्ली-एनसीआर में हर तीसरा व्यक्ति सांस की समस्या से जूझ रहा है| दिल्ली-एनसीआर के वर्तमान मौसम ने सांस रोगियों की परेशानी और बढ़ा दी है|

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