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म्हाडा प्रशासन ने बकाया राशि वसूलने को नोटिस थमाना शुरू किया

मुंबई, 28 सितम्बर (हि.स.)। म्हाडा ने 56 इमारतों से गत बीस वर्षों से सेवा शुल्क नहीं वसूला है, जिससे म्हाडा की इन सोसायटियों के पास करोडों रुपये का बकाया है। अब बीस वर्षों बाद म्हाडा प्रशासन ने बकाया राशि वसूलने के लिए नोटिस थमाना शुरू कर दिया है।

म्हाडा की 56 इमारतों के पुनर्विकास का काम जहां अटका हुआ है, वहीं उन पर करोड़ों रुपये का सेवा शुल्क बाकी है। गत बीस वर्षों से सेवा शुल्क न वसूलने वाली म्हाडा ने अचानक सेवा शुल्क वसूलने का निर्णय लेकर सोसायटियों को नोटिस भेजना शुरू कर दिया है। अनेकों सोसायटियों के नौ लाख से लेकर 43 लाख रुपये तक का सेवा शुल्क बाकी है। नोटिसों में उल्लेख किया गया है कि जब तक सोसायटी का पूरा सेवा शुल्क भर नहीं दिया जाता, तब तक म्हाडा प्रशासन पुनर्विकास की अनुमति हेतु अनापत्ति प्रमाणपत्र नहीं देगा। 

म्हाडा की 56 इमारतों में तकरीबन दो लाख के आसपास लोग रहते हैं। म्हाडा इन सोसायटियों को सुविधाएं उपलब्ध करवाती है और सोसायटियां म्हाडा को सेवा शुल्क अदा करती हैं। म्हाडा सोसायटियों से पानी बिल, सोसायटी का बिजली बिल, संपत्ति टैक्स और जमीन का किराया सेवा शुल्क के रूप में वसूलती है। इन बिलों व टैक्सों के साथ किराए के रूप में आने वाली रकम को म्हाडा ने बीस वर्षों से वसूला नहीं है। म्हाडा की नोटिस के जवाब में सोसायटी में रहने वालों का कहना है कि उन्होंने म्हाडा द्वारा वसूले जाने वाले सेवा शुल्क को भर दिया है। म्हाडा ने कभी 340 रुपये तो कभी 398 रुपये वसूले हैं। इसके अलावा एक बार 900 रुपये तो बीच में एक हजार 458 रुपये सेवा शुल्क के रूप में वसूला है। 

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