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लोग खाने के लिए लाइन में खड़े होने को मजबूर, मदद के ठोस कदम उठाए सरकार : चिदंबरम

नई दिल्ली। कांग्रेस के वरिष्ठ नेता एवं पूर्व वित्तमंत्री पी. चिदंबरम ने लॉकडाउन की स्थिति में नकदी और भोज्य पदार्थों की कमी को लेकर परेशानी झेल रहे लोगों की मदद के लिए केंद्र सरकार को स्थायी और बेहतर कदम उठाने की सलाह दी है। उन्होंने कहा कि मदद के नाम पर मुफ्त भोजन के लिए लोगों को कतारबद्ध खड़ा करना कोई समाधान नहीं है। सरकार को इस व्यवस्था में परिवर्तन कर मदद के लिए ठोस कदम उठाने की जरूरत है।

कांग्रेस नेता ने कहा कि लॉकडाउन के पहले चरण में ही लोगों की नकदी की समस्या स्पष्ट हो चुकी है, उसके बाद भी मोदी सरकार सिर्फ आश्वासनों और भाषणों से ही काम चला रही है। जबकि हकीकत यह है कि नकदी की कमी के चलते मुफ्त भोजन प्राप्त करने के लिए लोग लाइनों में खड़े होने को मजबूर हैं।

चिदंबरम ने रविवार को ट्वीट कर केंद्र से सवाल किया कि आखिर सरकार हर गरीब परिवार को नकदी हस्तांतरित कर उन्हें भूख से बचाने तथा उनकी गरीमा की रक्षा का कदम क्यों नहीं उठाती। वहीं दूसरे सवाल में उन्होंने पूछा कि क्या सरकार गरीब व जरूरतमंद परिवारों को 77 मिलियन टन अनाज का एक छोटा सा हिस्सा मुफ्त में वितरित नहीं कर सकती है, जिन्हें भोजन पाने के लिए सड़कों पर पंक्ति में खड़े देख रही है।

पूर्व वित्तमंत्री ने कहा कि ये दोनों प्रश्न आर्थिक और नैतिक दोनों तौर पर काफी अहम हैं, जिनके जवाब प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और वित्तमंत्री निर्मला सीतारमण को देने होंगे। उन्होंने कहा कि सरकार की असफलता को कब तक देशवासी यूं ही झेलते रहेंगे। (एजेंसी, हि.स.)

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