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ट्रंप के आदेश पर , दक्षिण कोरिया से अमेरिकी सैनिकों को कम करने की तैयारी

वॉशिंगटन (ईएमएस)। नॉर्थ कोरिया और साउथ कोरिया के बीच मधुर होते रिश्तों के बीच अमेरिका ने क्षेत्र से अपने सैनिकों को हटाने का फैसला किया है। अमेरिकी राष्ट्रपति ने पेंटागन को आदेश दिया है कि वह साउथ कोरिया में तैनात सैनिकों को वापस बुलाने के विकल्प तैयार करे। कुछ दिनों पहले ही नॉर्थ कोरिया के तानाशाह किम जोंग उन और साउथ कोरिया के राष्ट्रपति मून जेई इन के बीच ऐतिहासिक मुलाकात हुई है। ट्रंप के इस फैसले की जानकारी रखने वाले कई लोगों ने इसकी पुष्टि की है।

अधिकारियों ने साफ कहा है कि कोरियाई क्षेत्र में अमेरिकी सैनिकों की संख्या घटाने के फैसले का यह मतलब नहीं है कि इसको लेकर किम और ट्रंप के बीच वार्ता के दौरान किसी प्रकार की सौदेबाजी की जाएगी। बता दें कि नॉर्थ कोरिया के परमाणु कार्यक्रम को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति और नॉर्थ कोरिया के लीडर के बीच जल्द ही मुलाकात होने वाली है। अधिकारियों ने यह जरूर कहा कि दोनों कोरियाई देशों के बीच शांति समझौते के कारण क्षेत्र में 28,500 सैनिकों की तैनाती की कोई जरूरत नहीं रह जाएगी। अमेरिकी अधिकारियों का कहना है कि ट्रंप साउथ कोरिया से सैनिकों को बुलाने के पक्ष में हैं। उनका तर्क है कि अमेरिका को सैनिकों की तैनाती पर होने वाले खर्च को सहन नहीं करना चाहिए, जबकि वे मुख्यतौर पर जापान की सुरक्षा कर रहे हैं। अमेरिका का यह फैसला साउथ कोरिया के साथ बनी एक सहमति के बीच लिया जा रहा है, जिसमें मिलिटरी पर होने वाले खर्च को शेयर करने की बात हुई है। एक समझौते के तहत साउथ कोरिया हर साल सैनिकों पर होने वाला करीब आधा खर्च (80 करोड़ डॉलर से ज्यादा) उठाता है।

हालांकि ट्रंप प्रशासन की मांग है कि उसे सैनिकों की मौजूदगी पर होने वाले पूरे खर्चे को वहन करना चाहिए। यह डील 2018 के आखिर में समाप्त होने वाली है। हालांकि अधिकारियों की चिंता इस बात को लेकर है कि अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने से साउथ कोरिया से उसके संबंध कमजोर न हो जाएं। इससे जापान की भी चिंता बढ़ सकती है कि एक तरफ अमेरिका क्षेत्र से अपने सैनिकों को कम कर रहा है और वहीं, नॉर्थ कोरिया के साथ जोखिम भरा परमाणु समझौता करने जा रहा है। अमेरिकी अधिकारियों ने फिलहाल यह जानकारी नहीं दी है कि ट्रंप साउथ कोरिया से पूरी तरह से सैनिकों को बुलाने पर विचार कर रहे हैं या आंशिक रूप से सैनिकों की संख्या घटाई जाएगी।

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