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डोकलाम में चीन सीमा का जायजा लेगी संसदीय समिति , राहुल गांधी भी होंगे शामिल

नई दिल्ली (ईएमएस)। एक दिन पहले ही कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने डोकलाम मसले को लेकर केंद्र सरकार को घेरने की कोशिश की थी, अब वह खुद हालात का जायजा लेने चीन से लगते इलाकों का दौरा करने जा रहे हैं। कांग्रेस सांसद शशि थरूर के नेतृत्व में विदेश मामलों की संसदीय समिति अगले महीने सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों का दौरा करेगी। इस टीम में राहुल गांधी भी शामिल होंगे। बताया जा रहा है कि समिति के सदस्य डोकलाम संकट के बाद के हालात का जायजा लेंगे। बता दें कि पिछले साल भारत और चीन के सैनिक डोकलाम में 73 दिनों तक आमने-सामने रहे थे। हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के चीन दौरे के समय भी कांग्रेस ने डोकलाम पर सरकार के अस्पष्ट एजेंडे को लेकर केंद्र पर निशाना साधा था। ऐसे में संसदीय समिति का दौरा काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। समिति डोकलाम में भारत-चीन सैन्य गतिरोध के तमाम पहलुओं पर गौर कर रही है। पूर्व और मौजूदा विदेश सचिव विजय गोखले के द्वारा समिति को कई बार इस मामले पर जानकारी दी जा चुकी है।

एक सूत्र ने कहा, दो राज्यों सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के सीमावर्ती इलाकों में जमीनी हकीकत को समझने के लिए समिति के सदस्य दौरा करेंगे। संभव हुआ तो जिस इलाके में घुसपैठ हुई थी, समिति के सदस्य वहां भी जाएंगे। बताया जा रहा है कि आसमान से इलाके का निरीक्षण करने के लिए हेलिकॉप्टर का भी इस्तेमाल किया जाएगा। इसके अलावा पैनल के सदस्य वहां तैनात टॉप सिक्यॉरिटी और डिफेंस अधिकारियों से वार्ता करेंगे। पिछले साल 16 जून को सिक्किम सेक्टर में भारत और चीन की सेनाओं के बीच दो महीने से ज्यादा समय तक गतिरोध रहा था। भारतीय सेना ने विवादित ट्राइ-जंक्शन में चीनी सैनिकों को सड़क बनाने से रोक दिया था। इस पर विवाद बढ़ गया था। बता दें कि डोकलाम को लेकर चीन और भूटान में विवाद है।

इससे पहले विदेश मंत्रालय के अधिकारियों ने 31 सदस्यीय संसदीय समिति को जानकारी दी थी कि भूटान इस मसले पर पूरी तरह से भारत के साथ है। सूत्रों ने बताया कि चर्चा के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी ने विदेश मंत्रालय के अधिकारियों से पूछा था कि आखिर डोकलाम विवाद को लेकर चीन की मंशा क्या है? उन्होंने पूछा था कि बीजिंग ने आखिर डोकलाम को ही क्यों चुना। राहुल गांधी ने उन रिपोर्टों के बारे में भी पूछा था, जिनमें कहा गया है कि डोकलाम के पास चीन काफी निर्माण कार्य करा रहा है। इस पर अधिकारियों ने कहा था कि भारतीय क्षेत्र में चीन कुछ भी नहीं कर रहा है।

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