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सुनंदा मौत मामले में शशि थरूर को अग्रिम जमानत

एसआईटी ने अदालत को बताया कि अगर थरूर बाहर रहेंगे तो साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं

नई दिल्ली, 05 जुलाई (हि.स.)। दिल्ली की पटियाला हाउस कोर्ट ने कांग्रेस नेता शशि थरूर को सुनंदा पुष्कर मौत मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। कल यानि 4 जुलाई को कोर्ट ने फैसला सुरक्षित रख लिया था। एडिशनल मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने ये फैसला सुनाया । 

कोर्ट ने शशि थरूर को एक लाख रुपये के मुचलके पर जमानत दी है। कोर्ट ने कहा है कि शशि थरूर कोर्ट की अनुमति के बिना देश छोड़कर नहीं जा सकते हैं। उन्हें जांच में सहयोग करने का निर्देश दिया गया है। जांच अधिकारी उन्हें जब भी बुलाएंगे उन्हें सहयोग करना होगा।

सुनवाई के दौरान सुनंदा पुष्कर की मौत की जांच कर रही एसआईटी ने शशि थरुर की अग्रिम जमानत का विरोध किया था। एसआईटी ने कहा था कि हम हिरासत की मांग नहीं कर रहे हैं लेकिन अगर ये बाहर रहेंगे तो ये साक्ष्यों को प्रभावित कर सकते हैं।

शशि थरूर के वकील ने कोर्ट से कहा था कि इस मामले की जांच कर रही एसआईटी ने कहा है कि उसने अपनी जांच पूरी कर ली है। उसे किसी व्यक्ति की हिरासत में लेकर पूछताछ की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि कानून एकदम साफ है कि अगर बिना गिरफ्तारी के चार्जशीट दाखिल की गई है तो जमानत अवश्य दी जानी चाहिए। 

पिछले 5 जून को पटियाला हाउस कोर्ट सुनंदा पुष्कर मौत मामले में दिल्ली पुलिस द्वारा दायर आरोप पत्र पर संज्ञान ले लिया था। एडिशनल चीफ मेट्रोपोलिटन मजिस्ट्रेट समर विशाल ने आरोपी और कांग्रेस नेता शशि थरूर को बतौर अभियुक्त समन जारी किया है। कोर्ट ने 7 जुलाई को शशि थरूर को पेश होने का निर्देश दिया है। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट से कहा था कि सुनंदा ने शशि थरुर को ई-मेल कर कहा था कि वो मरने जा रही है। उसे अब जीने की कोई इच्छा नहीं हैं। कोर्ट को चार्जशीट पर संज्ञान लेना चाहिए। दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि ये मामला खुदकुशी के लिए उकसाने का मामला है। पुलिस ने कहा था कि सुनंदा अपनी मौत के कुछ दिनों पहले सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव थीं। सोशल मीडिया पर उनके पोस्ट को डाईंग डिक्लरेशन के रुप में लिया जा सकता है।

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया था कि जब सुनंदा पुष्कर डिप्रेशन में चली गई थी तब भी शशि थरुर ने उनका ख्याल नहीं रखा। पुलिस ने कहा था कि एल्प्रैक्स नामक दवाई के 27 टैबलेट सुनंदा के कमरे से मिले थे। पुलिस के मुताबिक सुनंदा की मौत जहर से हुई थी। दोनों के बीच अक्सर झगड़े होते थे। उन लोगों को बीच कोच्चि एयरपोर्ट पर झगड़ा हुआ था और दिल्ली आते समय प्लेन पर झगड़ा हुआ था।

पिछले 14 मई को दिल्ली पुलिस ने पटियाला हाउस कोर्ट में चार्जशीट दाखिल किया था। इस चार्जशीट में सुनंदा पुष्कर के पति और कांग्रेस नेता शशि थरूर को आरोपी बनाया गया है। शशि थरूर को भारतीय दंड संहिता की धारा 498ए, 306 के तहत आरोपी बनाया गया है। 

दिल्ली पुलिस ने कोर्ट को बताया कि शशि थरूर को हिरासत में लेकर पूछताछ की जरुरत है क्योंकि जांच अभी पूरी नहीं हुई है। करीब तीन हजार पन्नों के इस चार्जशीट में शशि थरुर को एकमात्र आरोपी बनाया है । इस मामले में शशि थरुर के घरेलू नौकर नारायण सिंह को मुख्य गवाह बनाया गया है।

चार्जशीट में कहा गया है कि सुनंदा पुष्कर की मौत शशि थरुर से शादी शादी के तीन साल, तीन महीने और 15 दिनों में हो गई। दोनों की शादी 22 अगस्त 2010 को हुई थी। 1 जनवरी 2015 को दिल्ली पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 302 के तहत दर्ज की थी।

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