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सेक्स वर्कर्स के पुनर्वास के लिए महिला आयोग ने लिखा पत्र .

नई दिल्ली, 20 जनवरी =  मानव तस्करी की शिकार पीड़िताओं और जीबी रोड पर रह रही सेक्स वर्कर्स के लिए पुनर्वास योजना बनाने में हो रही देरी को लेकर दिल्ली महिला आयोग(डीसीडब्ल्यू) की चेयरपर्सन स्वाति मालिवाल ने दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी डॉ एमएम कुट्टी को पत्र लिखा है। अपने पत्र में मालिवाल ने लिखा है कि पिछले डेढ़ साल में महिला आयोग ने उनकी अगुवाई में जीबी रोड पर बने कोठों का कई बार निरीक्षण किया। जहां एक अनुमान के अनुसार चार हजार महिलाएं और 800 बच्चे रहते हैं। यहां रहने वाली अधिकतर लड़कियां व महिलाएं मानव तस्करी द्वारा यहां लायी गई हैं जिनका यहां शारीरिक शोषण होता है और उन्हें यहां बहुत यातनाएं झेलनी पड़ती हैं।

मालिवाल ने पत्र में लिखा है कि वर्ष 2015 सितंबर में वे तत्कालीन दिल्ली के चीफ सेक्रेटरी केके शर्मा से भी मिली थीं और उनसे ह्यमून ट्रैफिकिंग को रोकने और उनके पुनर्वास के लिए बनाई गई स्टेट लेवल को-आॅर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग बुलाने की मांग की थी। क्योंकि इस कमेटी का गठन 2012 में किया गया था लेकिन पिछले तीन साल से इस कमेटी की एक भी मीटिंग नहीं हुई है। महिला आयोग की सक्रियता के बाद 2015 अक्टूबर में पहली बार इस कमेटी की मीटिंग बुलाई गई। मीटिंग ट्रैफिकिंग विक्टिम और सेक्स वर्कर्स के लिए पुनर्वास योजना बनाने पर सहमति बनी थी। मीटिंग में तत्कालीन चीफ सेक्रेटरी ने महिला एवं बल विकास विभाग को पुनर्वास योजना बनाने के निर्देश दिए थे। उन्होंने इस बात पर भी जोर दिया था कि ह्यूमन ट्रैफिकिंग जैसे गंभीर मुद्दे पर सभी संबंधित विभागों को मिलकर काम करने की जरूरत है।

जानकारी हो कि कुछ दिन पहले भी महिला आयोग ने महिला एवं बाल विकास विभाग को नोटिस जारी करके ट्रैफिकिंग विक्टिम को लेकर बनाई जा रही पुनर्वास नीति के बारे में जानकारी मांगी थी। इसके जवाब में महिला एवं बाल विकास विभाग ने आयोग को बताया कि अभी पुनर्वास योजना बननी शुरू नहीं हुई है। महिला एवं बाल विकास विभाग ने अपने जवाब में बताया कि अभी सर्वे करना है कि दिल्ली में जीबी रोड पर कितनी महिलाएं इस पेशे में शामिल हैं, उसके बाद ही पुनर्वास योजना बनाई जाएगी। हैरानी की बात है कि अक्टूबर, 2015 में हुई स्टेट लेवल की को-आर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग में भी डब्ल्यूडीसी डिपार्टमेंट ने बताया था कि पहले सर्वे किया जाएगा उसके बाद ट्रैफिकिंग विक्टिम्स के पुनर्वास के लिए पॉलिसी बनाई जाएगी।

दिल्ली महिला आयोग ने चीफ सेक्रेटरी से गुजारिश की है कि वे इस मामले में हस्तक्षेप करते हुए ट्रैफिकिंग विक्टिम और सेक्स वर्कर्स के लिए पॉलिसी बनवाये। पॉलिसी बनाने में दिल्ली महिला आयोग,एनजीओ और एक्सपर्ट से भी राय मसविरा किया जाए। साथ ही देरी करने वाले संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी भी तय की जाए। इसके साथ जीबी रोड के सेक्स वर्कर्स के बच्चों के पुनर्वास व स्टेट लेवल को-आॅर्डिनेशन कमेटी की मीटिंग बुलाने पर जल्द निर्णय लिया जाए।

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