LPG सिलेंडरों पर फिर लगेगी एल्यूमीनियम की सील

लखनऊ, 19 अप्रैल (हि.स.)। घरेलू सिलेंडरों से गैस चोरी और रिफिलिंग पर लगाम लगाने के लिए पेट्रोलियम कंपनियों ने एक बार फिर सिलेंडरों पर एल्यूमीनियम की सील लगाने का फैसला लिया है। जबकि यही सील वर्ष 2012 तक सिलेंडरों पर लगकर आती थी। लेकिन उपभोक्ताओं की मांग पर इस सील को बदलकर प्लास्टिक की सील लगायी जाने लगी थी।
गैस सिलेंडर के कम होते वजन ने गैस कंपनियों को सिलेंडर पर लगने वाली सील बदलने के लिए मजबूर कर दिया है। सिलेंडर पर प्लास्टिक की सील की जगह एल्यूमीनियम की सील लगने से गैस की कालाबाजारी करने वाले उसे आसानी से तोड़ नहीं पायेंगे। अगर तोड़ भी लेते हैं तो उपभोक्ता द्वारा सिलेंडर लेते समय जांच में पकड़े जायेंगे। सील टूटने पर गैस निकालने पर अक्सर सिलेंडर में लीकेज की समस्या शुरू हो जाती है। गैस सिलेंडरों में घटतौली की शिकायतें अक्सर आती रहती हैं। कई बार रिफिलिंग का काला कारोबार पकड़ा भी जा चुका है। आपूर्ति विभाग इस कारोबार को रोकने के दावे करता है लेकिन घटतौली कम होने का नाम नहीं ले रही है। इसको रोकने के लिए अब गैस कंपनियों ने सिलेंडर पर लगने वाली प्लास्टिक की सील को मजबूत करने का निर्णय लिया है।
गैस कंपनी के एक अधिकारी ने हिन्दुस्थान समाचार को बताया कि एल्यूमीनियम सील लगने के बाद सिलेंडर से गैस निकालने पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। इससे लोगों को तो पूरी गैस मिलेगी ही, गैस कंपनियों को भी लाभ होगा। घटतौली के कारण सिलेंडर वापस कर दिए जाते हैं। जिनको गैस कंपनी को फिर से रिफिल करना पड़ता है। इस नुकसान से भी बचा जा सकेगा। प्लास्टिक की सील को रिफिलिंग करने वाले आसानी से तोड़कर उसकी जगह नई सील लगा देते हैं, लेकिन एल्यूमीनयम सील को तोड़कर दोबारा लगाना मुश्किल होगा।









