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दरगाह पिरान कलियर: ठेकेदारों के हवाले करोड़ों की राशि

देहरादून, 10 मार्च = पिरान कलियर की दरगाह राजनीतिक छत्र-छाया में ठेकेदारों की चारागाह बनी हुई। पिछले एक दशक से अब तक ठेकेदारों पर लाखों नहीं करोड़ों का बकाया है, लेकिन दरगाह प्रबंधक की मिली भगत से इस मामले में कुछ नहीं हो रहा है। वर्ष 2016-17 में 17 ठेकेदारों पर करोड़ों की राशि बकाया है।

सूचना अधिकार अधिनियम के तहत मिली जानकारी के अनुसार बुलंद दरवाजे पर दुकान नंबर 3 में प्रसाद का कारोबार करने वाले सहजाद पुत्र शाने इलाही पर 46 लाख का ठेका स्वीकृत हुआ था। ठेके से पहले इन्होंने 23 लाख जमा कर दिया था। इन्होंने पहली और दूसरी किश्त जमा करने के बाद अब तक 5 लाख 50 हजार की राशि नहीं जमा की है। इसी प्रकार शहजाद पुत्र अली हसन को किलकिली साहब ने प्रसाद विक्रय का ठेका 4 लाख 28 में दिया गया। उन्होंने 4 लाख 12 हजार 5 सौ रूपये ठेके से पहले जमा किए।

पहली किश्त 1 लाख 8 हजार 250 जमा करने के बाद किश्त ही नहीं जमा की। जिसके कारण 1 लाख 6 हजार 250 रूपए उस पर बकाया है। इसी प्रकार पार्किंग स्थल पर शौचालय का ठेका 4 लाख में छूटा। यह ठेका शौकत अली पुत्र रहमत अली को मिला,जिन्होंने ठेकेदार द्वारा पहले 2 लाख जमा कर दिया गया था और दोनों किश्ते ठेकेदार द्वारा नहीं जमा की गई। जिन पर 2 लाख बकाया है।

शौकत अली पुत्र रहमत अली पर भी गेस्ट हाउस को ठेका था, यह ठेका उन्होंने 58 हजार में लिया था,जिसमें 30 हजार रूपए पहले जमा हो गए थे। 14 हजार की पहली किश्त जमा करने बाद दूसरी किश्त नहीं जमा की गई। इन पर 14 हजार बकाया है। इसी प्रकार रावत वसीम पुत्र राव रसीद जिन पर जूता रखाई का ठेका था यह ठेका 31 लाख15 हजार में छूटा था,इन्होंने 15 लाख 57 हजार 5 सौ जमा किया था, इतनी ही राशि इन पर बकाया है। नौशाद पुत्र वहीद सोहन हलवा के ठेकेदार हैं,जिन्होंने 45 लाख 10 हजार में ठेका लिया था, 18 लाख 55 हजार पहले जमा हो गए थे। इन पर अब भी 20 लाख 55 हजार बकाया है।

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राव वसीम पुत्र राव रसीद को ही नक्कर खाने में दुकान नंबर 1 में प्रसाद के लिए ठेका मिला था, जो 1 करोड़ 72 लाख 50 हजार का था, इसमें 60 लाख ठेके से पहले जमा हो गए थे, आज भी इन पर 71 लाख 25 हजार की राशि बकाया है। शाहिद पुत्र जाहिद पर दोपहिया वाहन पार्किंग का ठेका है यह ठेका 11 लाख 55 हजार में छूटा था, 8 लाख 75 हजार 5 सौ रूपए ठेके से पूर्व जमानत के रूप में जमा हुआ, अब भी इन पर 5 लाख 77 हजार 5 सौ रूपए बकाया है। इसी कड़ी में हाजी सलीम पुत्र मुनर्फत को पहाड़ी गेट पर प्रसाद विक्रय का ठेका 1 करोड़ से अधिक पर छूटा है,इन्होंने 34 लाख की सिक्योरिटी जमा कराई, आज भी इन पर 5 लाख से अधिक की राशि बकाया है।

नौशाद पुत्र अखलाक जिन्हें फव्वारा चौक पर दुकान नंबर 4 प्रसाद के लिए दी गई थी,इन्हें यह ठेका 19 लाख 25 हजार से अधिक पर दिया गया,इन 2 लाख 31 हजार 443 बकाया है। इसी तरह मुस्तफा पुत्र लतीफ पर 75 हजार। महेकार पुत्र फय्याज पर 1 लाख 25 हजार,विसारत पुत्र शौकत अली पर 3 लाख से अधिक, मोबारिक पुत्र शौक त अली पर 10 लाख 64 हजार से अधिक तथा सलीम पुत्र नसीम पर 21 लाख 96 हजार से अधिक की राशि बकाया है। अब तक इन ठेकेदारों पर 4 करोड़ 52 लाख 84 हजार 450 रूपए से अधिक की राशि बकाया है,लेकिन इसकी वसूली के संदर्भ में न तो दरगाह प्रशासन सचेत है और न ही सरकार।

जिसके कारण जायरीनों को भारी क्षति हो रही है,केवल 1 ही वर्ष लगभग 20ठेकेदार ऐसे हैं,जिन्होंने 2011,12 से अब तक का भुगतान नहीं दिया है और अपना कारोबार बखूबी चलाए जा रहे हैं, जो इस बात का संककेत है कि दरगाह पिरान कलियर शरीफ ,जहां लाखों लाख जायरीन देश-विदेश से प्रतिवर्ष अकीदत करने आते हैं,लेकिन व्यवस्था के नाम पर सरकार की लाचारी इतनी बढ़ी हुई है कि करोड़ों की राशि विकास में खर्च होने के बजाय लोगों की जेब भरी जा रही है। इतना ही नहीं इसके साथ ही साथ तहबाजारी तथा अन्य ठेकों के माध्यम से दरगाह को करोड़ों का चूना लगाया जा रहा है।

जानकारों की माने तो वर्ष 2010 से 2013 तक डेढ़ करोड़ से अधिक की राशि बकाया चली आ रही है,जिनमें एक दर्जन से अधिक ठेकेदार शामिल हैं। इसी प्रकार वक्फ बोर्ड के चेयरमैन और सी.ई.ओ. और ठेकेदारों के जुगलबंदी के कारण प्रतिदिन वसूली जाने वाली रकम भी नहीं वसूली जा रही है,जिसके कारण दरगाह प्रशासन तथा सरकार ठेकेदारों के सामने नतमस्तक है। इसका प्रमुख कारण पिरान कलियर के प्रमुख लोग तथा ऊंची पहुंच वाले हैं जो दरगाह प्रशासन को अपने निजी रूप में प्रयोग में ला रहे हैं।

विश्व प्रसिद्ध दरगाह पिरान वक्फ बोर्ड के चेयरमैन अहमद अली का कहना है कि यह मामला अब उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने इस मामले पर लिखत-पढ़त शुरू कर दिया है। विभाग की ओर से पत्र बनाकर विभागीय अधिवक्ता को रूडक़ी भेज दिया गया है।उनके द्वारा पत्र की भाषा स्वीकृत करने के बाद विभागीय ठेकेदारों को नोटिस दिया जाएगा और उनसे वसूली की जाएगी। अहमद अली का कहना है कि उनके पास अभी 2015-16 की सूची आई है, पुरानी सूची की जानकारी नहीं है,लेकिन सरकार इसमें कोई कोताही नहीं करेगी सारे बकायादारों से पैसा वसूला जाएगा।

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