खबरेलाइफस्टाइल

पीठ में दर्द की अनदेखी न करें

आजकल की जीवनशैली में पीठ दर्द एक बेहद आम समस्या है पर अगर यह लगातार रहे तो इसकी अनदेखी खतरे में डाल सकती है। इसलिए पीठ दर्द को आम दर्द मानकर इसकी उपेक्षा न करें। इसे मामूली समझना या फिर गोली खाकर टाल देना गंभीर बीमारी को आमंत्रण दे सकता है। डॉक्टरों की मानें तो हाल के दिनों में ऐसे मामलों की तादाद बढ़ी है जो पीठ दर्द को मामूली मानकर अनदेखा करते रहे। समस्या बढ़ने पर डॉक्टर के पास पहुंचे, तो स्पाइनल (रीढ़ की हड्डी) के टीबी के मामले सामने आये।

डॉक्टर को दिखाएं

दो-तीन हफ्ते तक पीठ में दर्द रहने के बाद भी आराम न मिले, तो तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए। आंकड़ों के मुताबिक, डॉक्टर के पास पहुंचने वाले पीठ दर्द के मामलों में से 10 फीसदी मरीजों में रीढ़ की हड्डी की टीबी का पता चलता है। इसका सही समय पर इलाज न करवाने वाले लोगों में स्थायी रूप से अपाहिज होने का खतरा भी बना रहता है। इसकी पहचान भी जल्दी नहीं हो पाती है। शुरुआत में इलाज करने पर यह ठीक हो जाता है।

20 हजार बच्चों को स्पाइनल टीबी

एक रिपोर्ट के अनुसार, भारत में 20 लाख से ज्यादा टीबी के मरीज सामने आए हैं जिनमें से 20 प्रतिशत यानि करीब 4 लाख लोगों को रीढ़ की हड्डी में टीबी की शिकायत है। इनकी मृत्यु दर 7 प्रतिशत है। 2016 में 76 हजार बच्चों में स्पाइनल टीबी पाई गई थी जिसमें 20 हजार मामले दिल्ली और उत्तर प्रदेश के हैं।

मोटापे से होती है कई बिमारियां

लंबा चलता है इलाज

सामान्य टीबी का इलाज 6 महीने में हो जाता है, लेकिन स्पानइल टीबी के दूर होने में 12 से 18 महीने का वक्त लग सकता है। टीबी के कीटाणु फेफड़े से खून में पहुंचते हैं और कई बार रीढ़ की हड्डी तक इसका प्रसार हो जाता है। बाल और नाखून छोड़कर टीबी शरीर के किसी भी हिस्से में हो सकता है। जो लोग सही समय पर इलाज नहीं कराते या इलाज बीच में छोड़ देते हैं, उनकी रीढ़ की हड्डी गल जाती है, जिससे स्थायी अपंगता आ जाती है। किसी भी आयु वर्ग के लोग रीढ़ की हड्डी के टीबी का शिकार हो सकते हैं। टीबी बैक्टीरिया शरीर के दूसरे हिस्सों जैसे दिमाग, पेट और अन्य हड्डियों को भी प्रभावित कर सकता है।

लक्षण ये होंगे

इसके लक्षण भी साधारण हैं, जिसके कारण अक्सर लोग इसे नजरअंदाज कर देते हैं। रीढ़ की हड्डी में टीबी होने के शुरुआती लक्षण कमर में दर्द रहना, बुखार, वजन कम होना, कमजोरी या फिर उल्टी है। इन परेशानियों को लोग अन्य बीमारियों से जोड़ कर देखते हैं, लेकिन रीढ़ की हड्डी में टीबी जैसी गंभीर बीमारी का संदेह बिल्कुल नहीं होता। पिछले कुछ साल में कुछ ऐसे मामले सामने आए है, जिसमें गर्भावस्था के

दौरान महिलाओं में स्पाइनल टीबी देखा गया।
मुख्य लक्षण
पीठ में अकड़न
रीढ़ की हड्डी में असहनीय दर्द
रीढ़ की हड्डी में झुकाव
पैरों और हाथों में हद से ज्यादा कमजोरी और सुन्नपन
हाथों और पैरों की मांसपेशियों में खिंचाव
यूरीन पास करने में परेशानी
रीढ़ की हड्डी में सूजन
सांस लेने में दिक्कत

Related Articles

Back to top button
Close