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शिक्षकों, किताबों की कमी से जूझ रहा दून का स्कूल

देहरादून, 17 जून = राज्य के सबसे बड़े कॉलेज डीएवी पीजी कॉलेज की समस्याएं हमेशा ही छात्रों के लिए परेशानी का सबब बनी रहती हैं। लेकिन, कुछ समस्याएं ऐसी हैं जो छात्रों के भविष्य पर भी भारी पड़ रही हैं। इनमे सबसे बड़ी परेशानी बन रही है शिक्षकों की कमी।

कॉलेज में छात्र संख्या के हिसाब से आधे शिक्षक भी तैनात नहीं हैं। वहीं, दूसरी ओर लाइब्रेरी में किताबों का न होना भी छात्रों के लिए मुसीबत बना हुआ है। ऐसे में बीते कुछ वक्त से कॉलेज में आयोजित होने वाली परीक्षाओं के लिए छात्र तैयारियां भी नहीं कर पा रहे हैं। हालांकि कॉलेज प्रशासन की माने तो लाइब्रेरी को किताबों से लैस कर दिया गया है।

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कॉलेज में तकरीबन 12,500 की छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। यूजीसी के मानकों के मुताबिक इस संख्या पर कॉलेज में करीब 250 शिक्षक तैनात होने चाहिए। लेकिन कॉलेज में केवल 137 शिक्षक ही नियुक्त हैं। ऐसे में इतनी बड़ी छात्र संख्या वाले कॉलेज में बच्चों को पढ़ाने के लिए शिक्षकों की भारी कमी छात्रों की पढ़ाई के लिए मुसीबत बनी हुई है। कॉलेज में लेक्चर लेने के लिए शिक्षकों की कमी के कारण बच्चों का कोर्स भी पूरा नहीं हो पा रहा है।

किताबों को लेकर भी परेशानी, संस्थान की लाइब्रेरी की बात की जाए तो यहां सेमेस्टर के हिसाब से किताबें नदारद हैं। जिस कारण छात्र को कोर्स से जुड़े टॉपिक्स और सब्जेक्ट्स की तैयारी करने में भारी परेशानी हो रही है। कॉलेज में एक दिसंबर से इंटरनल एग्जाम शुरू होने हैं, जबकि किताबों को लेकर पर्याप्त व्यवस्था नहीं है।

छात्रों की मानें तो उन्हें कॉलेज के बाहर से किताबों की व्यवस्था करने का मजबूर होना पड़ रहा है। छात्र विकास ने बताया कि लाइब्रेरी में नई किताबें उपलब्ध कराई गई हैं। लेकिन अभी भी कुछ किताबें लाइब्रेरी में नहीं है। इसके अलावा किताबें कॉलेज लाइब्रेरी में बहुत देरी से उपलब्ध कराई गई। जिस कारण बच्चे तैयारी करने के लिए बाहर के बुक विक्रेताओं के ही भरोसे रहने का मजबूर हैं।

डा. देवेंद्र भसीन, प्राचार्य ने बताया कि कॉलेज में छात्र संख्या के हिसाब से शिक्षकों की भारी कमी है। लेकिन आगामी सत्र से टाइम टेबल के हिसाब से हमारी कोशिश है कि सीमित शिक्षकों के बीच भी छात्रों को पढ़ाई का नुकसान न हो। लाइब्रेरी में किताबें उपलब्ध करा दी गई हैं। सत्र शुरू होने के बाद इंटरनल परीक्षाओं से पहले सभी व्यवस्थाएं कर दी जाएंगी। परीक्षा में छात्रों को किताबों से जुड़ी समस्या नहीं होगी।

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