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शाह ने ममता को लिखा पत्र, कहा- प्रवासी श्रमिकों के मुद्दे पर राज्य सरकार से नहीं मिल रहा सहयोग

नई दिल्ली। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को पत्र लिखकर राज्य सरकार के रवैये पर दुख जताया है। गृहमंत्री ने कहा कि यह दुखद है कि राज्य के प्रवासी श्रमिकों को वापस भेजने के क्रम में केंद्र को बंगाल सरकार से अपेक्षित सहयोग नहीं मिल रहा है। शाह ने ममता मुखर्जी पर प्रवासी मजदूरों के लिए चलाई जाने वाली श्रमिक ट्रेनों को मंजूरी नहीं देने का भी आरोप लगाया है।

गृहमंत्री ने ममता बनर्जी को लिखे पत्र में कहा कि पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों को दूसरे राज्‍यों से बंगाल पहुंचाने वाली श्रमिक रेलगाड़ियों को राज्य सरकार द्वारा अनुमति नहीं प्रदान करना पश्चिम बंगाल के श्रमिकों के साथ अन्‍यायपूर्ण है। राज्य सरकार का यह पश्चिम बंगाल के प्रवासी श्रमिकों को कठिन परिस्थिति में धकेल सकता है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार अभी तक दो लाख से ज्‍यादा प्रवासी श्रमिकों को उनके गृह राज्‍य पहुंचा चुका है। बस पश्चिम बंगाल सरकार के असहयोग की नीति के चलते वहां के प्रवासी श्रमिकों को परेशानी हो रही है।

उल्लेखनीय है कि पश्चिम बंगाल में हर रोज कोरोना के नए मामले सामने आने के साथ कंटेनमेंट जोन की संख्या भी लगातार बढ़ती जा रही है। वर्तमान में राज्य में कुल कंटेनमेंट जोन की संख्या 561 तक पहुंच गई है। वहीं पश्चिम बंगाल में कोरोना संक्रमितों की 1678 है, जिसमें 88 की मौत हो चुकी है और 1195 केस एक्टिव हैं।

ममता के भतीजे ने अमित शाह को दी चुनौती, आरोप साबित करें या माफी मांगे

कोरोना संकट के बीच पश्चिम बंगाल सरकार और केंद्र सरकार के बीच टकराव तेजी से बढ़ता जा रहा है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने चिट्ठी लिखकर ममता सरकार पर श्रमिकों के लिए चलने वाली ट्रेन को बंगाल की सीमा में प्रवेश नहीं करने देने का आरोप लगाया है। इसके बाद मुख्यमंत्री ममता बनर्जी के भतीजे और डायमंड हार्बर से सांसद अभिषेक बनर्जी ने शाह के इस दावे को बेबुनियाद करार दिया है। उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री को अपने दावे को साबित करने की चुनौती दी है और साबित नहीं कर पाने की सूरत में माफी मांगने को कहा है।

टीएमसी सांसद अभिषेक ने शनिवार को एक ट्वीट किया, जिसमें उन्होंने लिखा है, “इस संकट के समय अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने में विफल रहने वाले गृहमंत्री हफ्तों की चुप्पी के बाद बोलते हैं और वो भी केवल झूठ के बंडल की बातें.. ताकि लोगों को गुमराह कर सकें। विडंबना यह है कि वे ऐसे गरीब लोगों के बारे में बात कर रहे हैं जो उनकी सरकार द्वारा भाग्य के भरोसे छोड़ दिए गए हैं। मेरी चुनौती है कि बंगाल सरकार पर अमित शाह ने जो फर्जी आरोप लगाए हैं, उन्हें साबित करें या माफी मांगे।”

उल्लेखनीय है कि अमित शाह ने ममता बनर्जी को जो चिट्ठी लिखी है उसमें यह भी आरोप लगाया है कि केंद्र द्वारा प्रस्ताव दिए जाने के बावजूद ममता बनर्जी की सरकार बंगाल के निवासियों को देश के विभिन्न राज्यों से वापस लौटाने के लिए निष्क्रिय बनी हुई है। (एजेंसी, हि.स.)

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