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कानपुर में फिर सक्रिय ISIS , निशाने पर अयोध्या

कानपुर, 26 जुलाई : लखनऊ में कानपुर निवासी आईएसआईएस सैफुल्लाह के मारे जाने के करीब चार माह बाद कानपुर में आईएसआईएस का खुरासान मॉड्यूल फिर सक्रिय हो गया है। इसके चलते एनआईए की टीम ने शहर में डेरा डाल दिया है और संदिग्धों को गिरफ्तार करना शुरू कर दिया है। बताया जा रहा है जांच में यह पता चला है कि इनके निशाने पर अयोध्या है। 

दरअसल आईएसआईएस के एक संदिग्ध आतंकी कानपुर निवासी सैफुल्लाह को उत्तर प्रदेश एटीएस ने लखनऊ में मार्च माह में एनकाउंटर में मार गिराया था। उसके बाद कानपुर और अन्य जिलों से दर्जनों में कई अन्य संदिग्ध लोगों की गिरफ्तारी भी हुई थी। सैफुल्ला की मौत के बाद उसके पिता का बयान काफी चर्चा में रहा था। उन्होंने अपने बेटे की लाश लेने से इनकार कर दिया था। कानपुर में सैफुल्लाह के पिता सरताज अहमद ने कहा था कि जो बेटा देश का नहीं हो सकता, वह मेरा भी नहीं हो सकता। 

उक्त घटना के करीब चार माह बाद एनआईए की टीम ने सोमवार को देर रात शहर में डेरा डाल दिया और संदिग्धों को उठाना शुरू कर दिया। करीब 36 घंटे से एनआईए की चल रही कार्रवाई में छह लोगों को हिरासत में लिया गया और कुछ को पूछताछ कर छोड़ भी दिया गया लेकिन अभी भी टीम सैफुल्लाह के चचेरे भाई आसिफ और आतिफ से किसी अज्ञात जगह पर पूछताछ कर रही है।

सूत्रों का कहना है एनआईए को संदिग्धों से इस बात की पुख्ता जानकारी मिली है कि कानपुर में आईएसआईएस का खुरासान मॉड्यूल फिर से सक्रिय हो गया है और अबकी बार उनके निशाने पर अयोध्या है। एनआईए की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि कानपुर व उसके आस-पास के जनपदों में खुरासान मॉड्यूल के नेटवर्क को कौन हैंडल कर रहा है। बताया जा रहा है एनआईए के राडार पर कई ऐसे शख्स हैं जिनकी समाज में अच्छी छवि है। एनआईए ने दावा किया है कि शहर में करीब 12 लोग आईएसआईएस से जुड़े हुए हैं और आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हैं। ये लोग गुपचुप तरीके से आतंकी गतिविधियों को अंजाम देने की साजिश रच रहे हैं। 

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