Home Sliderखबरेदेशनई दिल्ली

भारत इजरायल से खरीदेगा 10 किलर उर्फ़ ‘हेरॉन टीपी ड्रोन’ , इसकी खासियत को जान कर पाकिस्तान & चीन में मची खलबली, देखे क्या है इसकी खासियत.

नई दिल्ली 5 जुलाई : PM नरेंद्र मोदी तीन दिन के लिए  इजरायल दौरे पर गए हुए  हैं। इस दौरान भारत और इजरायल के बीच में ‘हेरॉन टीपी ड्रोन’ को लेकर एक ऐसा डिफेंस डील का समझौता होने जा रहा है, जिस समझौता  से चीन और पाकिस्तान में खलबली मची हुई है। दरअसल, इस समझौता के तहत भारत इजरायल से करीब 10 हेरॉन टीपी ड्रोन खरीदने खरीदने वाला है.

इस ड्रोन की मारक क्षमता को देखते हुए इसे भारत के लिए बहुत ही अहम सौदा बताया जा रहा है. इसे किलर ड्रोन भी कहा जाता है. यह ड्रोन हवा से जमीन पर मार करने वाली मिसाइल से लैस है। भारत इस ड्रोन की सहायता से न केवल पाक अधिकृत इलाकों में आतंकी कैम्पों को नेस्तनाबूद कर सकता है बल्कि भारत अपने देश के अंदर से ही पाक अधिकृत इलाकों छिपे आतंकियों सलाहुद्दीन, हाफिज मोहम्मद सईद, मौलाना मसूद अजहर और दाऊद इब्राहिम जैसे आतंकवादियों  पर निशाना साध कर उन्हें ख़त्म कर सकता है।

‘हेरॉन टीपी ड्रोन’ की तुलना अमेरिका के रीपर ड्रोन और प्रिडेटर से की जाती है। ‘हेरॉन टीपी ड्रोन’ लगातार तीस घंटे तक उड़ने में पूरी तरह से सक्षम है। इसमें लगे कैमरे खुफिया जानकारी इकट्ठा करने में मास्टर हैं. इस ड्रोन की सहयता से हवा से ही आतंकी ठिकानों की पहचान आसानी से  की जा सकती है. साथ ही  उस पर निशाना लगाकर उसे ध्वस्त किया जा सकता है। यह ड्रोन किसी भी मौसम में करीब एक टन तक का वजन उठाकर 45000 फीट की ऊंचाई तक उड़ सकता है. इसे ड्रोन को उड़ाने के लिए किसी पायलट की जरूरत नहीं रहती  बल्कि कंट्रोल रूम में बैठ ऑपरेटर इसे कंट्रोल कर सकता है। इस ड्रोन की रफ्तार 370 किलोमीटर प्रति घंटे बताई जा रही है।

भारत के रक्षा मंत्रालय ने साल 2015 में समझौते को दी थी मंजूरी .

भारत के रक्षा मंत्रालय ने साल 2015 में करीब 400 मिलियन डॉलर के इस रक्षा समझौते को मंजूरी दी थी. इसके बाद इजराइल ने फरवरी 2015 में भारत के बेंगलुरू में एयरो इंडिया शो में इस ड्रोन का प्रदर्शन  इसकी खासियत को बताया  था। इस ड्रोन की सबसे बड़ी और महत्वपूर्ण कासियत यह है कि ओ पहले अपने टारगेट को खोजता है और फिर उस पर वह हवा से ही निशाना लगाकर मिसाइल से जमीन पर लगे  टारगेट को वह ध्वस्त कर देता है। हालांकि  भारत के पास जो ड्रोन मौजूद  हैं उनमें यह खासियत नहीं है। भारत के पास जो ड्रोन मौजूद है ओ जब तक टारगेट की पहचान करके उस निशाना साधने  की कोशिश करते हैं तब तक वह टारगेट लापता हो जाता है।

सर्जिकल स्‍ट्राइक में भारत की होगी दो गुनी ताकत

भारत में ‘हेरॉन टीपी ड्रोन’ के आने से POK में सर्जिकल स्‍ट्राइक करने की भारत की ताकत दोगुना बढ़ जायेगी . हेरॉन टीपी-सशस्‍त्र ड्रोन की सहायता से दुश्‍मन के अड्डों का पता लगाने व दुश्‍मनों को ट्रैक करने या जमीन से हवा में फायर की गई मिसाइल को मार गिराने जैसे कामों में महारत हासिल है. इस ड्रोन के आने से आतंकियों के ठिकानों को खात्म करने में काफी मदद मिलेगी.

क्या है हेरॉन टीपी ड्रोन की खासियत

DRONNN

>बुधवार को भारत का इजराइल के साथ दस  अहम हेरॉन-टीपी ड्रोन पर डील होगी.

> हवा से ही हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन जमीन पर अपने लक्ष्य को तबाह करने वाली मिसाइलों से लैस होंगे.

 >  हेरॉन-टीपी लड़ाकू ड्रोन पूरी तरह ऑटोमेटिक हैं इसे चलाने के लिए किसी पायलेट की जरुरत नहीं होती .

>  हेरॉन टीपी ड्रोन करीब एक टन से ज्यादा भारी विस्फोटक लेकर उड़ान भरने में सक्षम है.

> यह चालीस हजार फीट तक की ऊंचाई से जमीन पर निशाना लगा सकता है. 

> इस ड्रोन की रफ्तार 370 किलोमीटर प्रतिघंटा है और इसी रफ्तार से उड़ते हुए ओ अपने लक्ष्य पर आसानी से हमला कर सकता है.

> करीब 30 घंटे तक हेरॉन-टीपी ड्रोन लगातार उड़ान भर सकता है.

> करीब 7400 किलोमीटर की रेंज में अपने लक्ष्य को टारगेट करके अचूक निशाना लगा सकता है.

> हेरॉन-टीपी ड्रोन को चलाने के लिए ऑपरेटर की जरुरत नहीं होती है ,कंट्रोल रूम में बैठकर इसको ऑपरेट किया जा सकता है.

> कैसे भी मौसम में हेरॉन-टीपी ड्रोन बड़े आसानी से मिशन को अंजाम दे सकता है.

> हेरॉन-टीपी ड्रोन की सहायता से बड़े पैमाने पर आसानी से खुफ़िया निगरानी की जा सकती है.

आगे पढ़े : इजरायल पहुंचे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, नेतन्याहू ने हिंदी में कहा-‘स्वागत है मेरे दोस्त’

Related Articles

Back to top button
Close