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राजनीति करने की बजाय जनकल्याण की नीति बनाने में सहयोग दें सांसद: नायडू

नई दिल्ली, 04 अगस्त (हि.स.)। उपराष्ट्रपति एम वेंकैया नाय़डू ने सांसदों को नसीहत दी है कि संसद के अंदर राजनीति करने की बजाय गरीबों और पिछड़ों के कल्याण की नीति बनाने में सहयोग करें। शनिवार को नायडू राज्यसभा के नवनिर्वाचित और मनोनीत सांसदों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में कहा कि सदन के नियम सबके लिए सर्वोपरि हैं और सभी नियमावली से बंधे हैं।

उन्होंने कहा कि नियमों में लोक महत्व के मुद्दे उठाने के पर्याप्त अवसर हैं। नियमों का पूरी तरह से पालन करके वे उपलब्ध समय का प्रभावी ढंग से इस्तेमाल कर सकते हैं।

उपराष्ट्रपति ने कहा कि संसदीय लोकतंत्र में अलग-अलग विचारों की अभिव्यक्ति की पर्याप्त गुंजाइश रहती है। जब किसी मुद्दे पर विस्तार से बहस होती है और अलग-अलग विचार उभरकर आते हैं तो उस पर आधारित अंतिम विधेयक ज्यादा व्यापक होता है। उन्होंने कहा कि राज्यसभा निर्धारित नियमों और प्रक्रियाओं से चलती है। नियमों का पालन करने से सदन सुचारू रूप से चलता है। इस कार्यक्रम में सभी उन नियमों और महत्वपूर्पण प्रक्रियाओं से अवगत होंगे। 

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