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रिजर्व बैंक ने सीकेपी बैंक का लाइसेंस किया कैंसिल, ग्राहकों के सिर्फ 5 लाख तक की जमा सुरक्षि‍त

नई दिल्‍ली/मुंबई। रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (आरबीआई) ने सीकेपी सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। आरबीआई के इस फैसले से मुंबई और पूणे तक फैले 104 साल पुराने इस बैंक के ग्राहकों को बड़ा झटका लगा है। इसके साथ ही इसमें 485 करोड़ रुपये की एफडी अधर में लटक गई है। यह बैंक 1915 में चालू हुआ था। हालांकि, सरकार और रिजर्व बैंक के पूर्व के आश्‍वासन के तहत ग्राहकों के सिर्फ 5 लाख रुपये तक की जमा राशि ही सुरक्षित है। गौतलब है कि इससे पहले पीएमसी बैंक में गड़बड़ी से खाताधारकों को परेशानी हुई थी। हालांकि, इस पर अभी भी आरबीआई का प्रतिबंध चालू है।

रिजर्व बैंक द्वारा देर रात जारी बयान के अनुसार सीकेपी सहकारी बैंक के आर्थिक हालात पिछले काफी समय से चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। वहीं, बैंक को इन हालातों से बाहर निकालने का कोई तरीका भी नहीं है और न ही ये बैंक किसी अन्य बैंक के साथ मर्जर की स्थिति में है। आरबीआई ने यह बताया कि मौजूदा स्थिति में बैंक इस हालत में नहीं है कि वह अपने जमाकर्ताओं की राशि उन्हें दे सके।

उल्‍लेखनीय है कि पहले बैंक का लाइसेंस 31 मार्च को रद्द किया जाना था लेकिन आरबीआई ने बाद में इसकी अवधि बढ़ाकर 31 मई कर दी थी। लेकिन अब रिजर्व बैंक ने इस डेडलाइन से पूर्व ही सीकेपी सहकारी बैंक का लाइसेंस रद्द कर दिया है। रिजर्व बैंक के मुताबिक बैंक का घाटा बढ़ने और नेट वर्थ में बड़ी गिरावट आने की वजह से बैंक के लेन-देन पर साल 2014 में प्रतिबंध लगाया गया था, जिसको कई बार बढ़ाया गया, लेकिन आखिरी बार आरबीआई ने प्रतिबंध की अवधि बढ़ाकर 31 मई की थी, जिसके पहले ही बैंक की हालत में कोई सुधार न होने पर आरबीआई ने पहले ही कदम उठा लिया। (एजेंसी, हि.स.)

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